टीम इंडिया में जगह को लेकर साई सुदर्शन से कंपीटिशन पर देवदत्त पडिक्कल ने तोड़ी चुप्पी

साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में नंबर 3 पर खेल रहे देवदत्त पडिक्कल ने पहली बार उनके साथ कंपीटिशन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट में वह भारत की ओर से सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं।

गॉल में टीम इंडिया जीत के करीब है। बुधवार को इस मुकाबले के आखिरी दिन गिल एंड कंपनी को 6 विकेट लेने हैं। अगर टीम जीत की इस दहलीज पर पहुंची है तो इसकी बड़ी वजह देवदत्त पडिक्कल हैं जिन्होंने पहली और दूसरी पारी में शानदार बैटिंग की। पहली पारी में 167 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेलने वाले पडिक्कल ने दूसरी पारी में भी 44 रन की अहम पारी खेली। इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया में उनकी जगह फिक्स नहीं मानी जा सकती, क्योंकि उन्हें साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला है।

devdutt padikkal vs sai sudarshan

देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन (साभार-X)

साई के साथ अपनी इस कंपीटिशन पर पहली बार उन्होंने प्रतिक्रिया दी है। पडिक्कल ने चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, "मैं हमेशा से इस बात को लेकर स्पष्ट रहा हूं कि टेस्ट क्रिकेट मेरा अंतिम लक्ष्य है। इसलिए मैंने अपने खेल को इस तरह ढालने की कोशिश की है कि मैं अपनी बुनियादी तकनीक के साथ खेलते रहूं। मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि जब भी जरूरत हो मैं रेड बॉल क्रिकेट में आसानी से ढल सकूं क्योंकि यह मेरी पहली प्राथमिकता है।" घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक की कप्तानी करने वाले पडिक्कल ने माना कि सीमित ओवरों और टेस्ट क्रिकेट के बीच लगातार बदलाव करना आसान नहीं है। इसके लिए उन्हें अपनी बल्लेबाजी में सावधानीपूर्वक बदलाव करने पड़ते हैं।

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