Ben Stokes Handshake Controversy: ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 के चौथे टेस्ट में भारत ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मैच ड्रॉ करके सीरीज़ को जीवंत बनाए रखा है। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 311 रन की बड़ी बढ़त गंवाने के बावजूद शानदार बल्लेबाज़ी कर इंग्लैंड को जीत से दूर रखा। मैच में आखिरी 15 ओवर का समय काफी मजेदार रहा और मैच ड्रॉ घोषित होने के बाद स्टोक्स का एक वीडियो वायरल हो गया जिसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
बेन स्टोक्स हैंडशेक (फोटो- AP/Screngrab X)
भारतीय बल्लेबाज़ों ने दिखाया धैर्य और तकनीक
भारत की दूसरी पारी की शुरुआत 0-0 से हुई, और इंग्लैंड की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। लेकिन केएल राहुल, शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने पांच सेशन तक बल्लेबाज़ी कर केवल दो विकेट खोए और मैच ड्रॉ करा लिया। खासतौर पर जडेजा और सुंदर का अर्धशतक से शतक की ओर बढ़ना दर्शकों और क्रिकेट विश्लेषकों के लिए रोमांचक रहा।
स्टोक्स ने मांगा ड्रॉ, भारत ने इंकार किया
मैच के अंतिम दिन जब केवल 15 ओवर बचे थे, तब कप्तान बेन स्टोक्स रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर के पास आए और ड्रॉ की पेशकश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने इसे ठुकरा दिया। उस समय दोनों खिलाड़ी अपने-अपने शतक की ओर बढ़ रहे थे। इसके बाद इंग्लिश खिलाड़ियों ने नाराज़गी जताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे खेल भावना पर सवाल खड़े हो गए।
हैंडशेक को लेकर हुआ विवाद
मैच के बाद एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें दिखाया गया कि स्टोक्स ने जडेजा और सुंदर से हाथ नहीं मिलाया। इस वीडियो पर क्रिकेट फैंस ने आलोचना की। हालांकि, एक और वीडियो सामने आया जिसमें स्टोक्स को सुंदर के शतक के बाद हाथ मिलाते हुए देखा गया। इससे मामला कुछ हद तक शांत हुआ, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस जारी रही।
स्टोक्स ने दी सफाई: खिलाड़ियों की सुरक्षा ज़रूरी
बेन स्टोक्स ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि जब उन्हें लगा कि जीत की संभावना नहीं है, तो उन्होंने अपने प्रमुख गेंदबाज़ों को आराम देना बेहतर समझा। उन्होंने कहा, "जो साझेदारी जडेजा और सुंदर ने की, वह असाधारण थी। भारत जिस मुश्किल स्थिति में था, वहां से निकलने के लिए यह एक यादगार पारी रही। वे दोनों शतक पर पहुंचे या नहीं, इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता, उन्होंने टीम को हार से बचाया।"
स्टोक्स ने आगे कहा, "हमने अपने प्रमुख गेंदबाज़ों से उतना ही करवाया जितना संभव था। जब लगा कि मैच ड्रॉ होगा, तो हम उन्हें और थकाना नहीं चाहते थे, खासकर जब सीरीज़ का अगला टेस्ट निकट है। यही कारण था कि हमने आखिरी घंटे में हैंडशेक का फैसला किया।" उन्होंने यह भी कहा कि हैरी ब्रूक को भी उन्होंने सतर्क किया कि वह गेंदबाज़ी करते वक्त कोई जोखिम न लें क्योंकि खिलाड़ी पहले ही थक चुके हैं।
