स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय महिला टीम ने एसीसी चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। मैच के बाद भारतीय टीम विनर्स ट्रॉफी लेने मंच पर प्रेजेंटेशन के लिए नहीं पहुंची। इस पर अब बीसीसीआई ने महिला टीम का पक्ष लेते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों की पूरी स्थिति बदल गई है। ऐसे में पाकिस्तान के मुख्य नेता से भारतीय टीम ट्रॉफी नहीं ले सकती है।
एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर भारतीय टीम के साथ बीसीसीआई। फोटो-ACC
मैच के बाद श्रीलंकाई टीम को उप-विजेता टीम के रूप में पुरस्कार राशि और मेडल्स दिए गए। इस दौरान मोहसिन नकवी मंच पर मौजूद थे। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ट्रॉफी लेने नहीं पहुंची। यहां तक की प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड का ऐलान भी नहीं किया गया।
आतंकी हमले के बाद बदली तस्वीर
ट्रॉफी विवाद पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, देशवासियों का दबाव था कि पाकिस्तान से रिश्ते न रखें, लेकिन मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलना सरकार की नीति है। हम उसी नीति का पालन कर रहे हैं। अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों की पूरी स्थिति बदल गई है। पहलगाम घटना के बाद पाकिस्तान से रिश्ते बहुत बिगड़ गए हैं। इसलिए पाकिस्तान के मुख्य नेता से हम ट्रॉफी नहीं ले सकते हैं।
खत्म हो सकता है विवाद
एशिया कप ट्रॉफी का विवाद थम सकता है, जब तक मोहसिन नकवी एसीसी चेयरमैन है। चेयरमैन चाहे तो वह किसी अन्य अधिकारी के हाथों ट्रॉफी विजेता टीम को दिला सकता है। ऐसा साल 2022 एशिया कप के समय हुआ था, जब एसीसी प्रेसिडेंट के पद पर जय शाह थे। जब श्रीलंका ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया तो कप्तान दासुन शनाका ने श्रीलंका क्रिकेट के प्रेसिडेंट शम्मी सिल्वा से ट्रॉफी ली थी। इसलिए ट्रॉफी देने का प्रोटोकॉल कभी भी सिर्फ एसीसी चेयरमैन तक ही सीमित नहीं रहा है।
