हैदराबाद: कप्तानी से हटाए जाने के बाद हनुमा विहारी ने आंध्र प्रदेश क्रिकेट टीम का साथ छोड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने अपने फैसले की वजह राजनीतिक दखलनदाजी को बताया है। ऐसे में आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने हनुमा विहारी के आरोपों का जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर आंध्रप्रदेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों द्वारा हस्ताक्षरित एक लेटर वायरल हो रहा है जिसमें हनुमा पर लगे अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप को गलत बताते हुए उन्हें दोबारा से टीम का कप्तान बनाए जाने का अनुरोध किया गया है। लेकिन आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने कहा है कि हनुमा विहारी के समर्थन में जो पत्र क्रिकेट संघ को लिखा गया उसपर दस्तखत करने के लिए खिलाड़ियों पर दबाव डाला गया।
हनुमा विहारी
क्वार्टर फाइनल में हार के बाद उपजा विवाद
आंध्र प्रदेश क्रिकेट टीम को मध्य प्रदेश के खिलाफ इंदौर के होलकर स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल में 4 रन के करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद हनुमा विहारी ने कप्तानी से राजनीतिक कारणों की वजह से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अब एसीए ने इंडिया टुडे ग्रुप को दिए बयान में कहा कि हनुमा विहारी के समर्थन में जो पत्र लिखा गया है उसपर दस्तखत करने के लिए साथी खिलाड़ियों पर दबाव डाला गया।
धमकी के आरोपों की जांच करेगा एपी
एसीए ने कहा, कुछ खिलाड़ियों ने आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से शिकायत की है कि उन्हें हनुमा विहारी के समर्थन में लिखे गए पत्र में दस्तखत करने के लिए धमकाया गया। आंध्र प्रदेश क्रिकेट संघ मामले की जांच करेगा और इसके बाद बीसीसीआई को पूरी रिपोर्ट सौंपेगा।
