Asian Youth Table Tennis Championship: युवा टेबल टेनिस खिलाड़ी सिंड्रेला दास के दमदार खेल की बदौलत भारत ने आईटीटीएफ-एटीटीयू एशियाई युवा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अपना शानदार अभियान जारी रखा। शुक्रवार को भारत ने दो और पदक सुनिश्चित कर लिए। अब इस टूर्नामेंट में भारत के कुल चार पदक पक्के हो गए हैं। अंडर-19 बालिका युगल वर्ग में सिंड्रेला दास और दिव्यांशी भौमिक की जोड़ी ने कमाल कर दिया। सेमीफाइनल में इस भारतीय जोड़ी ने चीन की याओ रुईशुआन और जियांग यीयी को कड़े मुकाबले में 7-11, 11-7, 7-11, 11-8, 11-6 से हराया। इस जीत के साथ दोनों ने फाइनल में जगह बना ली और भारत के लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर दिया।
एशियन यूथ टेबल टेनिस चैंपियनशिप (फोटो साभार-Syndrela Das)
सिंड्रेला का जलवा बरकरार
सिंड्रेला का जलवा एकल वर्ग में भी बरकरार रहा। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने चीन की याओ रुईशुआन को हराकर सबको चौंकाया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में जापान की मजबूत खिलाड़ी यूना ओजियो को सात गेम तक चले रोमांचक मैच में 11-5, 11-7, 5-11, 3-11, 8-11, 11-6, 11-3 से मात दी। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही सिंड्रेला ने एकल में भी कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया। वह एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली इकलौती भारतीय खिलाड़ी हैं। हालांकि मिश्रित युगल में भारत को कांस्य से संतोष करना पड़ा। टॉप सीड पी.बी. अभिनंद और दिव्यांशी भौमिक की जोड़ी सेमीफाइनल में थाईलैंड के थिताफात प्रीचायन और कुलापास विजितविरियागुल से 7-11, 9-11, 11-5, 5-11 से हार गई।
बालक टीम भी जीत चुकी है पदक
इससे पहले भारतीय अंडर-19 बालक टीम भी कांस्य पदक जीत चुकी है। इस तरह भारत के अब तक चार पदक तय हो चुके हैं- एक रजत या स्वर्ण, और तीन कांस्य। एकल वर्ग के अन्य मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दम दिखाया। बालक एकल के प्री-क्वार्टर फाइनल में पी.बी. अभिनंद ने चीनी ताइपे के यांग हाओ-एन को 11-9, 6-11, 9-11, 6-11, 11-8, 14-12, 11-6 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं बालिका एकल में दिव्यांशी भौमिक ने सिंगापुर की लॉय मिंग यिंग को सात गेम तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सिंड्रेला दास का यह प्रदर्शन भारतीय टेबल टेनिस के भविष्य के लिए बेहद शुभ संकेत है। चीन और जापान जैसी दिग्गज टीमों के खिलाड़ियों को हराना दिखाता है कि युवा भारतीय पैडलर अब एशियाई स्तर पर चुनौती देने को तैयार हैं।
