भारतीय खेल जगत में कई ऐसे खिलाड़ी आते रहे हैं जो अपनी कहानियों से करोड़ों को प्रेरित करते रहे हैं। मैदान के अंदर धमाल के अलावा, अपनी निजी जिंदगी में भी वे कुछ ऐसा कर जाते हैं जो मिसाल का रूप ले लेता है। ऐसा ही एक नाम हैं भोपाल की एथलीट अंकिता श्रीवास्तव का। वो ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में आयोजित होने वाले विश्व ट्रांसप्लांट गेम्स 2023 में हिस्सा लेने जा रही हैं और वहां उनकी नजर इतिहास रचने पर है। इससे भी दिलचस्प है उसके पीछे की कहानी।
अंकिता श्रीवास्तव (फेसबुक)
गौरतलब है कि अंकिता ने 2019 में इन खेलों में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता था और ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनी थीं। जब तक वो टूर्नामेंट खत्म हुआ था वो दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुकी थीं। इस बार वो डबल गोल्ड के इतिहास को दोहराना चाहती हैं। विश्व ट्रांसप्लांट गेम्स में वो एथलीट हिस्सा लेते हैं जिन्होंने शरीर के किसी अंग को डोनेट किया हो या हासिल किया हो। मौजूदा संस्करण में 3000 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं।
इस बार अंकिता 100 मीटर दौड़ और लॉन्ग जंप इवेंट में हिस्सा लेने जा रही हैंं, लेकिन उससे भी खास बात ये है कि उन्होंने अपनी मां को अपने लिवर का 74 फीसदी हिस्सा डोनेट किया हुआ है। साल 2007 में जब उनकी मां लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं तब उसके बाद कई सालों तक उनको कोई डोनर नहीं मिला था, तब 2014 में अंकिता ने फैसला किया कि वो अपनी मां को अपने लिवर का हिस्सा देंगी। हालांकि ये बेहद दुखद रहा कि ट्रांसप्लांट के 7 महीने बाद उनकी मां का निधन हो गया था।
