अमन सहरावत ने पेरिस ओलंपिक में भारत को रेसलिंग में पहला मेडल दिला दिया। अमन ने 57 किलोग्राम भारवर्ग फ्री स्टाइल ब्रान्ज मेडल मैच में प्यूर्टो रिको के रेसलर डेरियन क्रूज को 13-5 से हराकर पेरिस ओलंपिक में भारत को छठा मेडल दिला दिया। पेरिस ओलंपिक में कुश्ती में भारत का यह पहला मेडल है। इससे पहले उन्हें सेमीफाइनल मुकाबले में जापान के रेसलर रेइ हिगुची से हार का सामना करना पड़ा था। हिगुची ने उन्हें 10-0 से हराया था। लेकिन रेपचेज में अमन को ब्रान्ज मेडल मैच खेलने को मौका मिला और उन्होंने देशवासियों को निराश नहीं किया। रेसलिंग में भारत का यह लगातार 5वां ओलंपिक मेडल है। 2008 बीजिंग ओलंपिक से हर बार भारत रेसलिंग में कम से कम एक मेडल जीतने में कामयाब रहा है।
अमन सहरावत रिजल्ट (साभार-X)
अमन सहरावत ब्रान्ज तक का सफर
अमन ने विश्व चैंपियन अल्बानिया के ज़ेलिमखान अबकारोव को तकनीकी श्रेष्ठता (12-0) के आधार पर हराकर पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर अमन की यह लगातार दूसरी जीत थी। इससे पहले, उन्होंने उत्तरी मैसेडोनिया के यूरोपीय चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता व्लादिमीर इगोरोव को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
शानदार खेल से हासिल किया था कोटा
पिछले साल एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले 20 वर्षीय अमन ने विश्व ओलंपिक खेल क्वालीफायर में 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में चोंगसोंग हान पर तकनीकी श्रेष्ठता (12-2) से जीत हासिल की। उन्होंने पूरे क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन किया और बुल्गारिया के ओलंपियन जॉर्जी वांगेलोव को 10-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जहां उन्होंने यूक्रेन के एंड्री यात्सेंको को 12-2 से हराया और ओलंपिक कोटा हासिल किया था।
रेसलिंग में भारत का 8वां मेडल
यह रेसलिंग में भारत का 8वां मेडल है। सबसे पहले साल 1952 में केडी जाधव ने उसके बाद साल 2008-2012 में सुशील कुमार ने क्रमश: ब्रॉन्ज और सिल्वर दिलाया था। 2012 में ही योगेश्वर दत्त ने ब्रान्ज मेडल जीता था। 2016 रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक ने ब्रान्ज जीतकर इतिहास रचा और रेसलिंग में मेडल जीतने वाली पहली महिला रेसलर बनीं। उसके बाद 2020 टोक्यो में रवि दहिया ने सिल्वर और बजरंग पूनिया ने ब्रान्ज मेडल अपने नाम किया था।
