हरी चूड़ी, साड़ी और श्रृंगार... क्या है सावन से 'हरे रंग' का कनेक्शन? जान लें महत्व

  • Edited by: Ritu raj
  • Updated Jul 3, 2025, 03:15 PM IST

धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, सावन में महिलाएं हरे रंग को अपने श्रृंगार का हिस्सा बनाती हैं। चाहे हरी चूड़ियां हों, साड़ी हो, बिंदी हो या मेहंदी। लेकिन क्या आप जानते हैं सावन का हरे रंग से क्या कनेक्शन है।

भोलेनाथ के प्रिय मास सावन का शुभारंभ 11 जुलाई से होने जा रहा है। सावन में न केवल प्रकृति हरे रंग की ओढ़नी ओढ़कर इतराती है, बल्कि परंपराओं के अनुसार महिलाएं भी हरे रंग को अपने श्रृंगार में शामिल करती हैं, फिर वो चूड़ी हो या साड़ी, बिंदी या अन्य श्रृंगार प्रसाधन। हरे रंग का खास महत्व है और इस मास से खास कनेक्शन भी है।

What is the connection of 'green color' with Sawan?

What is the connection of 'green color' with Sawan?

सावन से हरे रंग का कनेक्शन

धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, सावन में महिलाएं हरे रंग को अपने श्रृंगार का हिस्सा बनाती हैं। चाहे हरी चूड़ियां हों, साड़ी हो, बिंदी हो या मेहंदी। इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता है। धार्मिक ग्रंथों में सावन को भगवान शिव का प्रिय महीना माना गया है। ग्रंथों के अनुसार, सावन में समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष निकला, तो भोलेनाथ ने इसे अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और उन्हें नीलकंठ कहा गया। इस दौरान प्रकृति ने हरियाली की चादर ओढ़कर शिव की भक्ति में तप किया और देवी-देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया। तभी से सावन में जल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।

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