Vinayak Chaturthi Vrat Katha: विनायक चतुर्थी पर करें इस कथा का पाठ, हर मनोकामना पूरी करेंगे गणपति

Vinayak Chaturthi Vrat Katha (विनायक चतुर्थी संपूर्ण व्रत कथा): पंचांग अनुसार आज विनायक चतुर्थी है। इस दिन बप्पा की पूजा की जाती है और व्रत भी रखा जाता है। व्रत के दौरान विनायर चतुर्थी की कथा पढ़ी जाती है। यहां से आप बुढ़िया माई की कथा और शिव-पार्वती की कथा पढ़ सकते हैं।

Vinayak Chaturthi Vrat Katha (विनायक चतुर्थी संपूर्ण व्रत कथा): सनातन धर्म में गणपति पूजा का विशेष महत्व है। भगवान गणपति की पूजा के बिना कोई भी शुभ काम की शुरुआत नहीं होती है। उनका आशीर्वाद लेकर ही बाधाओं से मुक्ति मिलती है। विनायक चतुर्थी भगवान गणपति को समर्पित है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार गणेश चतुर्थी व्रत (Ganesh Chaturthi Vrat) महीने में दो बार पड़ता है। इस व्रत को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi), संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) और वरद चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस खास दिन पर भक्त भगवान गणेश की सच्चे मे पूजा-अर्चना करते है। साथ ही इस दिन बुढ़िया माई की कथा या फिर शिव-पार्वती की कथा भी पढ़ी जाती है। ये दोनों ही विनायक चतुर्थी की व्रत कथा हैं।

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Vinayak Chaturthi Vrat Katha In Hindi (बुढ़िया माई की कथा)-

एक बुढ़िया माई थी जो मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। लेकिन वो रोज मिट्टी के गणेश बनाए वो रोज गल जाए। एक बार उसके घर के सामने सेठ का मकान बन रहा था। वो मकान बनाने वाले कारीगर से जाकर बोली मेरे लिए पत्थर का गणेश बना दो। मिस्त्री बोले जितने हम तेरा पत्थर का गणेश घड़ेंगे उतने में हम अपनी दीवार ना चिनेंगे।

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