Vat Savitri Puja Geet Lyrics in Hindi(वट सावित्री गीत): वट सावित्री पूजा गीत इस पावन व्रत की धार्मिक और सांस्कृतिक भावना को व्यक्त करते हैं। पूजा के समय महिलाएं इन भजनों को गाकर व्रत की महिमा का गुणगान करती हैं और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं। गीतों में वट वृक्ष की पूजा, सुहाग की रक्षा और अखंड सौभाग्य की कामना का सुंदर वर्णन मिलता है। ये पारंपरिक लोकगीत भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति और वैवाहिक संबंधों की पवित्रता को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करते हैं। अगर आप इस व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं तो वट सावित्री के गीत जरूर सुनें।
वट सावित्री के भजन गीत हिंदी में लिखित
Vat Savitri Vrat Songs, Geet (वट सावित्री व्रत गीत)
वट सावित्री व्रत गीत लिरिक्स इन हिंदी यहां कुछ भजनों का कलेक्शन हैं जिन्हें गाकर आप इस व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं।
1. सदा सुहागन रहने का मां मुझे वर देना वट सावित्री गीत लिरिक्स इन हिंदी
सदा सुहागन रखना माँ
वर देना मुझे इतना माँ
रहुँ अपने पति के साथ माँ केडसती
अपनी शरण में रखना माँ
इतनी किरपा करना माँ
रहुँ अपने पति के साथ माँ केडसती....
मेहंदीबालीनथ और चुनड़ी
माथे पे बिंदिया सजे
इनके नाम का कुमकुम दादी
माँग में मेरी सजे
करूँ सोलह सिणगार माँ
सुख सौभाग्य का हार माँ
रहुँ अपने पति के साथ माँ केडसती....
दे दो आशीर्वाद यहीं माँ
अटल सुहाग हमारा हो
जन्मों जनम तक इक दूजे का
2. अमर मेरा सुहाग रहे वट सावित्री गीत लिरिक्स इन हिंदी
चोली पे लाल कपड़ा
जीवन चुनरी लाये हम
हैं आसन पे चौथ माता
इन्हे पूजने आये हम
चोली पे लाल कपड़ा
जीवन चुनरी लाये हम
हैं आसन पे चौथ माता
इन्हे पूजने आये हम
अमर मेरा सुहाग रहे
माता तेरा अनुराग रहे
अमर मेरा सुहाग रहे
माता तेरा अनुराग रहे
मिलकर गये जय जय कर
माता करवा चोथ की
कथा सुनाये हम सखिमता करवा चोथ की
कथा सुनाये हम सखी
माता करवा चोथ की
रूपा गुण और शेल मे
मेरा पति राम हैं
लक्ष्मण जैसा भैया हैं
यह बड़ा ही महान हैं
सदा शिव का दिल हैं उसमे
में शिव की परवती
मिलकर गये जय जय कर
माता करवा चोथ की
अमर मेरा सुहाग रहे
माता तेरा अनुराग रहे
अमर मेरा सुहाग रहे
माता तेरा अनुराग रहे.
3. जनम जनम का साथ है वट सावित्री गीत लिरिक्स इन हिंदी
जनम जनम का साथ है
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा
जनम जनम का साथ है
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा
अगर न मिलते इस जीवन
में लेते जनम दुबारा
जनम जनम का साथ है
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा
अगर न मिलते इस जीव
में लेते जनम दुबारा
जनम जनम का साथ है
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा
जबसे घुमे धरती
सूरज चाँद सितारे हूँ
जबसे घुमे धरती
सूरज चाँद सितारे
तबसे मेरी निगाहें
समझे तेरे इशारे
रूप बदल कर साजन
मैंने फिर से तुम्हे पुकारा
जनम जनम का साथ है
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा
प्यार के पंख लगा
के दूर कही उड़ जाए
प्यार के पंख लगा
के दूर कही उड़ जाए
जहां हवाये गम की
हम तक पहुँच न पाए
खुशियों की खुशबु से
महके घर संसार हमारा
जनम जनम का साथ है
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा
अगर न मिलते इस जीवन
में लेते जनम दुबारा
जनम जनम का साथ है
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा
तुम्हारा हमारा तुम्हारा हमारा.
4. दीपक मेरे सुहाग का वट सावित्री व्रत गीत लिरिक्स इन हिंदी
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे
कभी चाँद कभी सूरज
चाँद सूरज बन के निकलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे
यह मेरे साँसों के दीपो की माला
यह मेरे साँसों के दीपो की माला
यह मन के मंदिर की ज्योति की ज्वाला
इस दीप का हैं मेरा राम रखवाला
इस दीप का हैं मेरा राम रखवाला
यह मेरे मन सा मचलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे
दुख पौ पर सुख ना पौ में अकेली
दुख पौ पर सुख ना पौ में अकेली
स्वर्ग भी मिलेगा ना जाऊँगी में अकेली
कदम भी ना उठाऊं में अकेली
साथी मेरा साथ चलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे
छलके कभी ना मेरे
मन की गगरिया
सरके कभी ना मेरे
सर से चुनारिया
छलके कभी ना मेरे
मन की गगरिया
सरके कभी ना मेरे
सर से चुनारिया
बदले कभी ना सजन की नजरिया
बदले ज़माना बदलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे
कभी चाँद कभी सूरज
चाँद सूरज बन के निकलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे
दीपक मेरे सुहाग का
जलता रहे जलता रहे.
5. साजन हो वट सावित्री व्रत गीत लिरिक्स इन हिंदी
सजन हो सजन सजन हो सजन
सजन क्यू मुह फेर लिया
नींद का किया बहना
सजन क्यू मुह प्फर लिया
नींद का किया बहना
आज मुझे फ़ुर्सत नहीं
आज मुझे फ़ुर्सत नहीं और
किसी दीन आना
सजन हो सजन
आज मुझे फ़ुर्सत नहीं और
किसी दीन आना
सजन हो सजन
गुस्सा छोड़ो प्यार करो
गुस्सा छोड़ो प्यार करो
हमसे आँखे चार करो
झूठे हो झूठे हो इकरार करो
तुम तो रोज़ मुझे कहते ध
में हू तेरा दीवाना
दीवाना दीवाना
आज मुझे फ़ुर्सत नहीं
और किसी दीन आना
सजन हो सजन
सागर मैं तूफान जागेसीन मैं अरमान जागे
सागर मैं तूफान जागे
सीने मैं अरमान जागे
मेरा जी और जान जागे
तुम ऐसे मैं रूठ
गयी मुश्किल हुआ
मानना मानना मानना
आज मुझे फ़ुर्सत नहीं
और किसी दीन आना
सजनी हो ओ सजनी
सजनी क्यू मुह फेर लिया
नींद का किया बहना
आज मुझे फ़ुर्सत नहीं
और किसी दीन आना
जाओ जाके सो जाओ माना
भी जाओ अब आओ
पहले एक कसम खाओ
फिर ना गाओगे तुम ये
दिल तोड़ने वाला गना
गना ये गना
आज मुझे फ़ुर्सत नहीं और
किसी दीन आना
सजन हो सजनी हो
सजन सजनी सजन सजनी.
6. हर सांस में हो सुमिरन तेरा वट सावित्री पूजा गीत लिरिक्स इन हिंदी
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा,
तेरी पुजा करते बिते साँझ सवेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा।।
नैनो कि खिड़की से तुमको,
पल पल में निहारु,
मन मे बिठा लूँ ,
तेरी आरती उतारूँ,
डाले रहु तेरे चरणों मे डेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा।।
जो भी तेरा प्यारा हो वो,
मेरे दिल का प्यारा हो,
मेरे सर का ताज मेरी आखो का तारा हो,
सब मे निहारु रूप सुनहरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
प्यार हो, सत्कार हो, एतबार हो तुम्हारा
सुख भी हो सारे और याद हो इशारा
हो आत्मा पर तेरा ही डेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
तेरी पूजा करते बीते साँझ सवेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
प्यारे यूँ बीत जाए जीवन मेरा
7. मन के मंदिर में प्रभु को बसाना वट सावित्री व्रत गीत लिरिक्स इन हिंदी
मन के मंदिर में प्रभु को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है,
खेलना पड़ता है जिंदगी से,
भक्ति इतनी भी सस्ती नहीं है,
मन के मंदिर में प्रभू को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है।
प्रेम मीरा ने मोहन से डाला,
उसको पीना पड़ा विष का प्याला,
जब तलक ममता है ज़िन्दगी से,
उसकी रहमत बरसती नहीं है,
मन के मंदिर में प्रभू को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है।
तन पे संकट पड़े मन ये डोले,
लिपटे खम्बे से प्रहलाद बोले,
पतितपावन प्रभु के बराबर,
कोई दुनिया में हस्ती नहीं है,
मन के मंदिर में प्रभू को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है।
संत कहते हैं नागिन है माया,
जिसने सारा जगत काट खाया,
कृष्ण का नाम है जिसके मन में,
उसको नागिन ये डसती नहीं है,
मन के मंदिर में प्रभू को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है।
मन के मंदिर में प्रभु को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है,
खेलना पड़ता है जिंदगी से,
भक्ति इतनी भी सस्ती नहीं है,
मन के मंदिर में प्रभू को बसाना,
बात हर एक के बस की नहीं है।
