Vaishakh Purnima 2025 Date, Muhurat And Puja Vidhi: हिंदू धर्म में वैसे तो सारे ही पूर्णिमा का खास महत्व है लेकिन मई के महीने में पड़ने वाली वैशाख पूर्णिमा खास है। इसे बुद्ध पूर्णिमा या पीपल पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन नारायण की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने का भी विधान है। इस खास मौके पर भक्त स्नान और दान भी करते हैं। हालांकि, अभीतक लोग वैशाख पूर्णिमा की डेट यानी तिथि को लेकर काफी ज्यादा कंफ्यूज हैं। यहां हम आपको इस व्रत की तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त बता रहे हैं। साथ ही आप यहां से पूजा की विधि भी देख सकते हैं।
कब है वैशाख पूर्णिमा?
हिंदू पंचांग के अनुसार बैशाख पूर्णिमा की शुरुआत 11 मई की शाम 8 बजकर 2 मिनट से शुरू होगी और समाप्त 12 मई रात 11 बजकर 26 मिनट पर होगी। इस तरह उदया तिथि के अनुसार बैशाख पूर्णिमा का व्रत 12 मई को रखा जाएगा।
वैशाख पूर्णिमा की पूजा विधि-
वैशाख पूर्णिमा के दिन पूजा करने के लिए सबसे पहले तो सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान के साथ करें। वैशाख पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त सबुह 04:08 बजे से 04:50 बजे तक रहने वाला है तो कोशिश करें आप इसी मुहूर्त में स्नान करें। इसके बाद सत्यनारायण भगवान की कथा पढ़ें या सुने। ऐसा करने से पुण्य फलों में वृद्धि होती है। आप भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ इस दिन जल, अन्न, फल, मटका आदि चीजें किसी जरुरतमंद को दान में देनी चाहिए। साथ ही लक्ष्मी चालीसा का पाठ भी करना चाहिए।
