Vaishakh Amavasya 2024 Date: वैशाख के महीने में कब है अमावस्या, नोट करें सही तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त

Vaishakh Amavasya 2024 Date: सनातन धर्म में वैशाख महीने का अमावस्या का खास महत्व है। ये दिन गंगा स्नान और दान- पुण्य करने के लिए बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार वैशाख महीने की अमावस्या तिथि कब है। यहां नोट करें डेट, महत्व और शुभ मुहूर्त।

Vaishakh Amavasya 2024 Date: इस साल वैशाख महीने की शुरुआत 24 अप्रैल से हो चुकी है। धार्मिक दृष्टिकोण से वैशाख मास का बहुत ही महत्व है। ये महीने भगवान विष्णु की पूजा को समर्पित है। इस महीने में देवी- देवता जल में निवास करते हैं। इस कारण इस मास में स्नान और दान करना भी बहुत ही उत्तम होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। हर महीने की अमावस्या तिथि का अपना एक विशेष महत्व होता है, हालांकि अमावस्या के दिन किसी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। इस दिन गंगा स्नान और दान किया जा सकता है। अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंड दान और ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। आइए जानते हैं इस साल वैशाख मास की अमावस्या कब पड़ रही है। यहां जानिए डेट और महत्व के बारे में।

Vaishakh Amavasya 2024 Date (वैशाख मास अमावस्या डेट 2024)

पंचांग के अनुसार इस साल वैशाख महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत 7 मई को सुबह 11 बजकर 40 मिनट से होगी। वहीं इस तिथि का समापन 8 मई को सुबह 8 बजकर 51 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस साल वैशाख मास की अमावस्या का व्रत 8 मई को रखा जाएगा।

Vaishakh Amavasya 2024 Shubh Muhurat (वैशाख मास अमावस्या शुभ मुहूर्त 2024)

इस साल वैशाख महीने की अमावस्या का व्रत 8 मई को रखा जाएगा। इस दिन सुबह स्नान और दान का शुभ समय सुबह के 4 बजकर 10 मिनट से लेकर 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस सुबह 9 बजे से लेकर 10 बजकर 37 मिनट तक अमृत काल रहने वाला है। इस दौरान पिंड दान और तर्पण कर सकते हैं।

Vaishakh Amavasya Importance (वैशाख अमावस्या महत्व)

हिंदू धर्म में वैशाख अमावस्या का खास महत्व है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंड दान किया जाता है। इस दिन गरीबों को कपड़े दान करना चाहिए। इसके साथ ही इस दिन सत्तू का भी दान किया जाता है। वैशाख अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा का भी विधान है। इस दिन शनि देव की पूजा करने से साधक को शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

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