Vaidhriti Yoga 2026 : 17 अगस्त 2026 की दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर सूर्य और चंद्रमा से वैधृति योग का निर्माण हुआ है। वैदिक ज्योतिष में वैधृति को 27 नैसर्गिक योगों में एक माना जाता है और इसे सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा तुला राशि में होने के कारण इस समय अग्नि तत्व और वायु तत्व का प्रभाव प्रमुख है।
वैधृति योग से किन राशियों को नुकसान हो सकता है
सूर्य सिंह में अपने ही क्षेत्र में शक्तिशाली स्थिति में हैं, जबकि चंद्रमा तुला में शुक्र के क्षेत्र में हैं। ऐसे में वैधृति योग का असर विशेष रूप से अहंकार, निर्णय, साझेदारी, रिश्ते, धन और कार्यक्षेत्र में संतुलन से जुड़े मामलों पर दिखाई दे सकता है। राशि के अनुसार देखें तो कुछ राशियों के लिए यह योग अधिक चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह योग दिक्कत देने वाला साबित होगा।
मेष राशि
मेष राशि से सूर्य पंचम भाव में और चंद्रमा सप्तम भाव में हैं। वैधृति योग का सबसे बड़ा असर प्रेम संबंध, संतान, साझेदारी और महत्वपूर्ण फैसलों पर पड़ सकता है। सूर्य पंचम में होने से व्यक्ति अपने निर्णय को सही मानने पर ज्यादा जोर दे सकता है। दूसरी तरफ सप्तम भाव का चंद्रमा सामने वाले व्यक्ति की भावनाओं को लेकर असमंजस पैदा कर सकता है। पति-पत्नी या बिजनेस पार्टनर के बीच किसी छोटी बात को लेकर बहस बढ़ सकती है। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। शेयर बाजार या सट्टे जैसी जोखिम वाली जगहों पर भावनात्मक निर्णय से बचना बेहतर रहेगा।
उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और शिवलिंग पर सफेद फूल चढ़ाकर ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप करें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लिए सूर्य चतुर्थ और चंद्रमा षष्ठम भाव में हैं। यह संयोजन घर-परिवार, मानसिक शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। घर में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है। ऑफिस में किसी सहकर्मी से मतभेद की स्थिति बन सकती है। चंद्रमा षष्ठम भाव में होने से छोटी समस्या भी मानसिक रूप से बड़ी लग सकती है। कर्ज, विवाद और कागजी काम से जुड़े मामलों में सावधानी रखें। किसी के साथ बहस में पड़ने के बजाय अपनी बात शांत तरीके से रखना बेहतर रहेगा।
उपाय: सफेद वस्तु या चावल का दान करें और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
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तुला राशि
तुला राशि इस योग से सबसे ज्यादा प्रभावित राशियों में रह सकती है, क्योंकि चंद्रमा स्वयं तुला राशि में स्थित हैं। चंद्रमा मन और भावनाओं के कारक हैं और जब वही राशि में आकर वैधृति योग से प्रभावित होते हैं तो मानसिक अस्थिरता बढ़ सकती है। ऊपर से सूर्य तुला से एकादश भाव में हैं। ऐसे आय और लाभ के अवसर मौजूद रहेंगे, लेकिन इच्छाओं और वास्तविक परिस्थितियों के बीच अंतर तनाव पैदा कर सकता है। दोस्ती, नेटवर्क और बिजनेस संपर्कों में किसी व्यक्ति के साथ मिसअंडरस्टैंडिंग की आशंका रहेगी। लव लाइफ में पुराने मुद्दे दोबारा उठ सकते हैं। कोई बड़ा आर्थिक फैसला भावनाओं में आकर न लें।
उपाय: भगवान शिव का अभिषेक करें और चंद्रमा की शांति के लिए रात में चंद्रमा को जल अर्पित करें।
मकर राशि
मकर राशि से सूर्य अष्टम भाव और चंद्रमा दशम भाव में हैं। यह स्थिति करियर और अचानक होने वाले बदलावों के लिहाज से संवेदनशील है। दफ्तर में किसी वरिष्ठ अधिकारी के साथ मतभेद हो सकते हैं। काम का दबाव अचानक बढ़ सकता है या किसी पुराने काम की जिम्मेदारी फिर आपके ऊपर आ सकती है। बिजनेस में दस्तावेज और लेन-देन की जांच किए बिना कोई फैसला न लें। सूर्य का अष्टम भाव में होना व्यक्ति के अहंकार को चोट पहुंचने वाली परिस्थितियां भी बना सकता है। ऐसी स्थिति में प्रतिक्रिया देने के बजाय परिस्थिति को समझना ज्यादा जरूरी होगा।
उपाय: प्रतिदिन सूर्य को तांबे के पात्र से जल दें। पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि से सूर्य सप्तम और चंद्रमा नवम भाव में हैं। यहां वैधृति योग का असर दांपत्य, बिजनेस पार्टनरशिप और भाग्य से जुड़े निर्णयों पर पड़ सकता है। जीवनसाथी की किसी बात को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है। कारोबारी साझेदारी में अधिकार को लेकर विवाद संभव है। यात्रा या धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भी जल्दबाजी से बचना चाहिए। सूर्य सप्तम भाव में होने से अपने विचार को सामने वाले पर थोपने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। वैधृति योग के दौरान यही बात रिश्तों में तनाव का कारण बन सकती है।
उपाय: काले तिल और उड़द का दान करें। भगवान शिव की पूजा कर जीवनसाथी के साथ मिलकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
वैधृति योग में इन कामों से बचें
इस योग के दौरान ज्योतिषीय दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बात मन और अहंकार के बीच संतुलन बनाए रखना है। सूर्य आत्मविश्वास और अधिकार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं का। 17 अगस्त की स्थिति में सूर्य सिंह में मजबूत हैं और चंद्रमा तुला में संबंधों तथा संतुलन के क्षेत्र को सक्रिय कर रहे हैं।
ऐसे में इन कामों में विशेष सावधानी रखें।
- गुस्से में नौकरी छोड़ने का फैसला न लें।
- जीवनसाथी से बहस को लंबा न खींचें।
- बिजनेस पार्टनर से बातचीत में अहंकार से बचें।
- बिना जांचे कोई बड़ा आर्थिक निवेश न करें।
- किसी पुराने विवाद को दोबारा हवा न दें।
- यात्रा के दौरान जल्दबाजी न करें।
- महत्वपूर्ण कागजात पर हस्ताक्षर करने से पहले उन्हें अच्छी तरह पढ़ें।
इस समय करें ये सरल उपाय
इस योग के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव की उपासना विशेष रूप से प्रभावशाली रहती है। इसमें आप शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न का दान करें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
