महाकाल दर्शन से पहले करें बाबा वृद्धकालेश्वर के दर्शन, तभी पूर्ण मानी जाती है उज्जैन यात्रा

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में स्थित वृद्धकालेश्वर महादेव को बाबा महाकाल का वृद्ध स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि इनके दर्शन के बिना महाकाल यात्रा अधूरी रहती है। आइए जानते हैं बाबा महाकाल के इस स्वरूप के बारे में विस्तार से...

Ujjain Mahakal Darshan: उज्जैन का महाकाल मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध दक्षिणमुखी और स्वयंभू मंदिर है। महाकाल मंदिर शिप्रा नदी के तट पर स्थित है, जहां जाने से समय भी बदल जाता है। माना जाता है कि महाकाल के दर्शन मात्र से जीवन में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलता है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि महाकाल मंदिर में मुख्य गर्भगृह में मौजूद शिवलिंग से भी पुराना शिवलिंग मंदिर में मौजूद है, जिसके दर्शन के बिना महाकाल की दर्शन यात्रा अधूरी मानी जाती है।

Ujjain Vriddhkaaleshwar Darshan

उज्जैन में करें वृद्धकालेश्वर के दर्शन

उज्जैन के प्राचीन मंदिर

उज्जैन के महाकाल मंदिर में कई प्राचीन मंदिर स्थापित हैं, जिनकी अपनी-अपनी मान्यता है। कुछ मंदिर का निर्माण नए सिरे से किया गया है लेकिन कुछ मंदिर की जड़े प्राचीन काल से जुड़ी हैं। मंदिर परिसर में महाकाल के दर्शन से पहले वृद्धकालेश्वर महादेव का मंदिर बना है, जिसे मुख्य मंदिर से भी प्राचीन बताया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में बाबा महाकाल के प्रतिरूप में शिवलिंग मौजूद हैं और उनका शृंगार प्रतिदिन बाबा महाकाल की तरह ही होता हैं।

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