राजस्थान के सीकर में स्थित खाटू श्याम मंदिर नए साल के पहले दिन बंद रहा। इस मंदिर में हर वर्ष साल के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचती है। 13 नवंबर से मंदिर को बंद करने का निर्णय किया गया था। इसी तरह नासिक के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर को भी कुछ समय के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है। मंदिर प्रशासन यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था दुरुस्त करना चाहता है, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
इस संबंध में मंदिर और कलेक्टर की तरफ से प्रेस रिलीज जारी किया गया है जिसके अनुसार, 5 जनवरी से लेकर 12 जनवरी तक दर्शन के लिए यह मंदिर पूरी तरह बंद रखा जायेगा। भारतीय संवर्धन विभाग की तरफ से मंदिर के देखरेख और रिसोट्रेशन के लिए मंदिर पूरी तरह 8 दिन बंद रहेगा। मंदिर शुरुवाती जनवरी में इसलिए बंद किया जा रहा है क्युकी 14 जनवरी से लाखो की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने शुरू हो जायेंगे ।
त्र्यम्बकेश्वर ज्योर्तिलिंग मन्दिर महाराष्ट्र-प्रांत के नासिक जिले में त्रयंबक गांव में हैं। यहां के निकटवर्ती ब्रह्म गिरि नामक पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम है। इन्हीं पुण्यतोया गोदावरी के उद्गम-स्थान के समीप स्थित त्रयम्बकेश्वर-भगवान की भी बड़ी महिमा हैं। मंदिर के अंदर एक छोटे से गढ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग है, ब्रह्मा, विष्णु और शिव- इन तीनों देवों के प्रतीक माने जाते हैं।
इसलिए खास है ये मंदिर
अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों में केवल भगवान शिव ही विराजित हैं लेकिन त्र्यंबकेश्वरज्योर्तिलिंग में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही विराजित हैं। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 1755 में शुरू हुआ था और 31 साल के लंबे समय के बाद 1786 में जाकर पूरा हुआ। कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर के निर्माण में उस समय करीब 16 लाख रुपए खर्च किए गए थे। प्राचीनकाल में त्र्यंबक गौतम ऋषि की तपोभूमि थी।
