बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने हाल ही में भारत के सबसे लोकप्रिय मंदिर तिरुपति बालाजी (Tirupati Balaji Mandir) के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ उनकी बहन खुशी कपूर (khusi Kapoor) और बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया (Janhvi Kapoor Boyfriend Shikhar Pahariya) भी नजर आए। बता दें आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर का नाम दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में शामिल है। ऐसा माना जाता है कि यहां भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिमा स्वयंभू श्रीयंत्र पर स्थापित है। इसीलिए यहां आने वाले लोगों को धन की कभी कमी नहीं होती। बड़े-बड़े उद्योगपति यहां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा हर साल अर्पित करते हैं। इस मंदिर से जुड़े कई दिलचस्प रहस्य भी हैं। जैसे ऐसा माना जाता है कि यहां मौजूद बालाजी की प्रतिमा के बाल असली हैं। वहीं इस मंदिर से जुड़ी एक अन्य मान्यता अनुसार अगर बालाजी की मूर्ति के पीछे कान लगाकर सुनेंगे तो समुद्र की विशाल लहरों की आवाज सुनाई देगी। जानिए इस मंदिर के बारे में और भी रोचक बातें।
स्वयंभू श्रीयंत्र पर स्थापित है तिरुपति बालाजी मंदिर
दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में है शामिल
तिरुपति बालाजी का नाम दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों की लिस्ट में शामिल है। ये मंदिर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां की वास्तुकला देखने लायक है। यहां भक्त करोड़ों रुपये दान में देते हैं। तिरुपति बालाजी का वास्तविक नाम श्री वेंकटेश्वर स्वामी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान वेंकटेश्वर अपनी पत्नी के साथ तिरुमला में निवास करते हैं। मान्यता है जो भी व्यक्ति यहां आकर सच्चे मन से भगवान वेंकटेश्वर की उपासना करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
मंदिर में स्थापित मूर्ति के बालों का रहस्य
ऐसा माना जाता है कि मंदिर में स्थापित मूर्ति के सिर पर जो बाल हैं, वो एकदम असली हैं। मान्यता अनुसार जब भगवान पृथ्वी पर निवास कर रहे थे तो उनके कुछ बाल गलती से झड़ गए थे। जब एक गंधर्व राजकुमारी को इस बात का पता चला तो उसमें अपने सुंदर बाल काटकर भगवान को अर्पित कर दिए। भगवान बालाजी ने राजकुमारी की भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी भेंट स्वीकार कर ली और अपने सिर पर बाल लगा लिए।
मूर्ति के पीछे सुनाई देती है समुद्र की लहरें
ऐसा माना जाता है कि यहां बालाजी की मूर्ति के पीछे अगर कान लगाकर सुनेंगे तो समुद्र की लहरों की आवाज साफ सुनाई देगी।
यहां मूर्ति में हमेशा रहती है नमी
कहा जाता है कि मंदिर में स्थापित प्रतिमा हमेशा गीली रहती है। यहां के पुजारी हमेशा इस मूर्ति को पोछते रहते हैं लेकिन फिर भी इसके पीछे का भाग हमेशा नम रहता है।
यहां दीपक कभी नहीं बुझता
ऐसा कहा जाता है कि यहां मंदिर के गर्भगृह में स्थित मूर्ति के सामने रखा दीपक कभी नहीं बुझता। इतना ही नहीं किसी को ये भी नहीं पता कि ये दीपक कबसे और कैसे जल रहा है।
