भगवान गणपति के तांत्रिक स्वरूप हैं बेहद शक्तिशाली, अकूत धन के साथ अष्ट सिद्धियां दिलाती है इनकी साधना

Tantrik Forms of Lord Ganesha: भगवान गणेश के सौम्य स्वरूप के अलावा उनके कुछ तांत्रिक स्वरूप भी हैं, जिनके पूजन के बिना किसी भी प्रकार से देवी साधना अधूरी है। आइए जानते हैं प्रभु के वे स्वरूप कौन से हैं।

Tantrik Forms of Lord Ganesha: भगवान गणेश को आमतौर पर विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य और बुद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है, लेकिन तांत्रिक परंपरा में गणेश के कई ऐसे स्वरूप भी मिलते हैं जिनकी साधना सामान्य गणेश पूजा से अलग होती है। इनमें हेरंब गणपति, उच्छिष्ट गणपति, महागणपति, हरिद्रा गणपति, लक्ष्मी गणपति, शक्ति गणपति और एकाक्षर गणपति जैसे स्वरूप शामिल हैं। तांत्रिक परंपराओं में 10 महाविद्याओं में प्रत्येक के साथ एक गणपति का स्वरूप भी जुड़ा हुआ है। भगवान गणपति के इन स्वरूपों का पूजन करने से अष्ट सिद्धियों के साथ ही अकूत धन-संपत्ति और वाक् सिद्धि के साथ ही सभी प्रकार के बाधाओं और तंत्र-मंत्र से मुक्ति मिलती है।

Tantrik Forms of Lord Ganesha  भगवान गणेश के तांत्रिक स्वरूप कौन से हैं (1)

भगवान गणेश के तांत्रिक स्वरूप कौन से हैं

विद्यार्णवतंत्र में भी 14 गणपति-स्वरूपों के ध्यान, मंत्र, यंत्र और मंत्रों के अनुष्ठानिक प्रयोग का विवरण दिया गया है। यह ग्रंथ लगभग 17वीं शताब्दी की एक बड़ी मंत्रशास्त्रीय संहिता के रूप में वर्णित है।

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