भयंकर नुकसान उठा सकती हैं ये 7 राशियां, सूर्य-शनि की प्रतियुति छीन सकती है खुशियां!

Surya Shani Pratiyuti 2026: सूर्य और शनि ने एक दूसरे के साथ समस्पतक योग बना लिया है। यह योग कुछ राशि वालों की लाइफ में कई प्रकार की चुनौतियां लेकर आया है। आइए जानते हैं कि किनको संभलकर रहना होगा।

Surya Shani Pratiyuti 2026: 4 अक्टूबर 2026 की शाम सूर्य और शनि एक-दूसरे से 180 डिग्री पर आ गए हैं। सूर्य इस समय कन्या राशि में और वक्री शनि मीन राशि में मौजूद हैं। सूर्य-शनि की यह सीधी आमने-सामने की स्थिति वैदिक ज्योतिष में प्रतियुति या समसप्तक योग कहलाती है। दोनों ग्रहों के स्वभाव में भी काफी अंतर है। सूर्य अधिकार, आत्मविश्वास, पिता और सत्ता का कारक है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी, देरी और दबाव को दर्शाता है। ऐसे में दोनों के आमने-सामने आने पर अहंकार बनाम जिम्मेदारी, अधिकार बनाम अनुशासन और इच्छा बनाम परिस्थितियों का टकराव बढ़ सकता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस योग का असर खास तौर पर उन राशियों पर ज्यादा पड़ता है, जिनके लिए सूर्य-शनि का यह गोचर स्वास्थ्य, करियर, पिता, वैवाहिक जीवन, धन और परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण भावों को सीधे प्रभावित करता है। इस दौरान जल्दबाजी, गुस्सा और वरिष्ठ लोगों से टकराव नुकसान बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह गोचर शुभ नहीं रहने वाला है।

Surya Shani Pratiyuti 2026 सूर्य और शनि की प्रतियुति से किनको नुकसान हो सकता है

सूर्य और शनि की प्रतियुति से किनको नुकसान हो सकता है

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए सूर्य छठे भाव और शनि बारहवें भाव में आमने-सामने हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य, खर्च, कर्ज, विरोधियों और मानसिक तनाव को बढ़ाने वाली है। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है और छोटी-सी बात को लेकर सहकर्मियों या अधिकारियों से बहस हो सकती है। बेवजह के खर्च सामने आ सकते हैं और नींद तथा आराम का रूटीन भी प्रभावित हो सकता है। परिवार में किसी सदस्य की जिम्मेदारी अचानक बढ़ सकती है। विदेश, यात्रा या अस्पताल से जुड़े खर्च भी परेशान कर सकते हैं। इस दौरान किसी विवाद में सीधे भिड़ने के बजाय शांत रहना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

End of Feed