क्या होता है सूर्य का दक्षिणायण होना? क्यों कहा जाता है इसे देवताओं की रात, कर्क संक्रांति क्यों मानी जाती है खास

Kark Sankranti: कर्क संक्रांति पर सूर्य के दक्षिणायण होने का क्या अर्थ है। इसे देवताओं की रात क्यों कहा जाता है। जानें कर्क संक्रांति के धार्मिक, ज्योतिषीय महत्व, पुण्य काल और विशेष जानकारी।

Kark Sankranti: कर्क संक्रांति यानी सूर्य देव का कर्क राशि में प्रवेश - सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं है। यह प्रकृति, खगोल विज्ञान और भारतीय आस्था- तीनों को एक साथ जोड़ने वाला अवसर है। वैसे सूर्य के कर्क राशि में गोचर के साथ ही इनका दक्षिणायण होना मान लिया जाता है। कर्क संक्रांति के साथ ही 'देवताओं की रात' की चर्चा भी होने लगती है।

kark sankranti 2026, surya dev

क्या होता है कर्क संक्रांति पर सूर्य का दक्षिणायन होना

साल 2026 में कर्क संक्रांति 16 जुलाई, गुरुवार को पड़ रही है। इस दिन स्नान, दान और सूर्य उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन उससे पहले समझते हैं कि आखिर दक्षिणायण होता क्या है।

End of Feed