Surya Grahan 2026: साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज यानी 12 अगस्त को शुरू हो गया है। यह इस साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण है। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर हुई है। यह ग्रहण 13 अगस्त की देर रात 1 बजकर 28 मिनट तक चलेगा। इस तरह इसकी कुल अवधि करीब 4 घंटे 24 मिनट बताई जा रही है।
सूर्य ग्रहण में क्या करें क्या न करें
हालांकि भारत के लिए इस सूर्य ग्रहण की खास बात यह है कि यहां ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ग्रहण के दौरान भारत में रात का समय रहेगा। इसी वजह से भारत में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा और ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियम भी यहां लागू नहीं माने जाएंगे। वहीं, दुनिया के कई हिस्सों में लोग इस अद्भुत खगोलीय घटना को देख सकेंगे। कुछ क्षेत्रों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि कई जगहों पर सूर्य आंशिक रूप से चंद्रमा की छाया में नजर आएगा।
कब से कब तक रहेगा सूर्य ग्रहण
12 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण का समय इस प्रकार है।
- ग्रहण आरंभ: 12 अगस्त, रात 9:04 बजे
- मध्य काल: 12 अगस्त रात 10:28 बजे से 13 अगस्त रात 12:04 बजे तक
- ग्रहण समाप्त: 13 अगस्त, रात 1:28 बजे
- कुल अवधि: करीब 4 घंटे 24 मिनट
ग्रहण के दौरान अलग-अलग चरणों में सूर्य का अलग-अलग हिस्सा चंद्रमा की छाया से ढका दिखाई देगा। जहां पूर्ण ग्रहण का क्षेत्र होगा, वहां कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिपा नजर आएगा।
इन देशों में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण का पूर्ण रूप दुनिया के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर, उत्तरी स्पेन, पुर्तगाल और उत्तरी रूस में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।इन जगहों पर चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान दिन के समय कुछ देर के लिए आसमान का रंग बदलता हुआ और वातावरण में विशेष तरह का अंधेरा दिखाई दे सकता है।
वहीं, पूर्ण सूर्य ग्रहण के अलावा दुनिया के कई हिस्सों में इसका आंशिक चरण दिखाई देगा। ब्रिटेन, फ्रांस, इटली समेत यूरोप के अधिकांश हिस्सों, उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका के कुछ इलाकों में लोग आंशिक सूर्य ग्रहण देख सकेंगे।
इन स्थानों पर चंद्रमा सूर्य के सामने से गुजरेगा, लेकिन वह सूर्य को पूरी तरह नहीं ढकेगा। इसलिए सूर्य का कुछ हिस्सा चमकता हुआ नजर आएगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें
धार्मिक दृष्टि से ग्रहण काल को मंत्र जाप, भगवान के ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। हालांकि भारत में इस ग्रहण की दृश्यता नहीं होने के कारण यहां इसके धार्मिक नियम लागू नहीं होंगे। वहीं, जहां यह दिखाई देगा वहां पर रहने वालों को कुछ नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।
भगवान का ध्यान और मंत्र जाप करें
ग्रहण काल में भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है। इस दौरान अपने इष्टदेव का ध्यान किया जा सकता है। महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र या अपने इष्टदेव के मंत्र का जाप कर सकते हैं।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
सूर्य ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के समय किया गया मंत्र जाप सामान्य समय की तुलना में अधिक फलदायी माना जातचा है। इसी कारण कई लोग ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और धार्मिक पाठ करते हैं।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें
धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद साफ पानी से स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनने और भगवान की पूजा करें।
घर की साफ-सफाई करें
ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की साफ-सफाई करने और पूजा स्थान को दोबारा व्यवस्थित करें। इसके बाद भगवान की पूजा करके वातावरण को शुद्ध करने के लिए धूप-दीप जलाएं।
दान-पुण्य करें
ग्रहण के बाद अन्न, वस्त्र, फल और जरूरत की वस्तुओं का दान करें। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना भी ग्रहण के बाद किए जाने वाले पुण्य कार्यों में शामिल किया जा सकता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें
ग्रहण को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा और यहां सूतक भी मान्य नहीं है। जहां पर यह दिखाई देगा, वे लोग कुछ कार्यों को करने से बचें।
ग्रहण को नग्न आंखों से न देखें
जहां सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा है, वहां सबसे जरूरी सावधानी सूर्य को सीधे देखने से बचना है। खासकर आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान बिना उचित सुरक्षा के सूर्य की तरफ देखने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रहण देखने वाले लोगों को प्रमाणित सोलर फिल्टर या सुरक्षित सूर्य ग्रहण को देखने वाले खास चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान शुभ कार्य करने से बचें
धार्मिक मान्यता में ग्रहण काल को सामान्य शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। इस दौरान नए शुभ कार्य शुरू करने से बचें। इस दौरान भोजन भी न करें।
ग्रहण के दौरान पूजा सामग्री को न छेड़ें
ग्रहण के दौरान मंदिर या पूजा स्थान से संबंधित सामान्य गतिविधियां रोक दी जाती हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार से पूजा सामग्री को न यूज करें।
ग्रहण के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें
जहां पर इस ग्रहण को देखा जा सकता है। उनको ग्रहण काल में अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सामान्य यात्रा पर ग्रहण का कोई धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं माना जाएगा।
ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें
ग्रहण समाप्त होने के बाद धार्मिक दृष्टि से कुछ कार्य शुभ माने जाते हैं। स्नान करें, साफ कपड़े पहनें, घर की सफाई करें और भगवान की पूजा करें। इसके बाद ताजा भोजन बनाएं और ग्रहण के दौरान रखे पुराने भोजन को हटा दें। ग्रहण के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य वस्तुओं का दान भी किया जा सकता है।
