Sunset Today 27 April 2026: आज 27 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक रूप से खास है, क्योंकि एकादशी के साथ प्रदोष काल भी पड़ रहा है। ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि सूर्यास्त कब होगा और चांद कब दिखाई देगा, ताकि पूजा सही समय पर की जा सके। दिन ढलने का वक्त अपने आप में खास होता है, लेकिन जब बात एकादशी और प्रदोष जैसे शुभ योग की हो, तो इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। आज 27 अप्रैल 2026, सोमवार को कई लोग यह जानना चाहते हैं कि सूर्यास्त का सही समय क्या है, चांद कब दिखेगा और शाम की पूजा किस समय करना ठीक रहेगा। अगर आप भी आज की पूजा सही समय पर करना चाहते हैं, तो यहां आपको आसान और साफ जानकारी मिल जाएगी।
आज सूर्यास्त, चंद्रोदय और एकादशी-प्रदोष काल पूजा का समय
आज सूर्यास्त कब होगा
आज दिल्ली-एनसीआर में सूर्यास्त शाम करीब 6:52 बजे होगा। यही समय संध्या काल की शुरुआत माना जाता है, जब घर में दीपक जलाकर पूजा करना शुभ होता है।
आज चांद कितने बजे निकला और दिखेगा या नहीं
आज चंद्रमा दोपहर 3 बजकर 8 मिनट पर उदय हो चुका है। इसका मतलब साफ है कि आज चांद रात में 'निकलने' वाला नहीं है, बल्कि पहले से ही आकाश में मौजूद रहेगा। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि चंद्रमा आज शुक्ल पक्ष का है और सूर्य के काफी करीब रहता है, इसलिए यह शाम के समय बहुत हल्का और कम समय के लिए दिखाई देता है।
अगर मौसम साफ रहा तो आप सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में कुछ देर के लिए चांद देख सकते हैं, लेकिन यह ज्यादा देर तक नजर नहीं आएगा। कई बार हल्की रोशनी या धुंध के कारण यह दिखता भी नहीं है - यह बिल्कुल सामान्य बात है।
एकादशी और प्रदोष काल पूजा का समय
आज का प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद शुरू होगा। आम तौर पर सूर्यास्त के बाद करीब 2 घंटे तक यह समय रहता है। आज शाम 6:55 बजे से रात करीब 8:45 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है, वहीं एकादशी के कारण भगवान विष्णु का ध्यान करना भी लाभकारी होता है।
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27 अप्रैल 2026 – प्रमुख शहरों में सूर्यास्त और चंद्रोदय समय
| शहर | सूर्यास्त का समय (Sunset Today ) | चंद्रोदय का समय (Moonrise Today) |
आज सूर्यास्त 6:52 बजे होगा और इसके बाद पूजा का समय शुरू हो जाएगा। चांद 3:08 बजे निकल चुका है, इसलिए शाम को यह थोड़ी देर के लिए दिखाई दे सकता है, लेकिन हर जगह साफ दिखे यह जरूरी नहीं है। ऐसे समय में बस कुछ मिनट शांति से बैठकर पूजा या ध्यान करना ही सबसे बड़ी बात होती है - यही इस दिन की असली भावना है।
