Sunset, Moon Rise Time Today (सूर्यास्त और चांद निकलने का समय आज का): आज 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) को जया एकादशी का पावन व्रत मनाया जा रहा है। यह व्रत माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि में आता है और भगवान विष्णु को समर्पित है। इस वजह से आज का संध्या पूजन जरूरी है और इसके लिए सूर्यास्त का आज का टाइम नोट करना भी। ये भी नोट करें कि आज शाम को चंद्र दर्शन कब होंगे। 29 जनवरी 2026, गुरुवार को उत्तर भारत के अधिकांश शहरों जैसे दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सूर्यास्त का समय लगभग शाम 6:07 से 6:08 बजे के बीच रहेगा।
आज 29 जनवरी 2026 को सूर्यास्त और चांद निकलने का समय
आज 29 जनवरी 2026 को सूर्यास्त और चांद निकलने का समय
| शहर / City | सूर्यास्त (Sunset) | रात्रि चंद्र दर्शन (Sunset के बाद) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| नोएडा | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| गाजियाबाद | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| फरीदाबाद | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| गुरुग्राम | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| मेरठ | 5:56 PM | 9:00–9:10 PM |
| हापुड़ | 5:56 PM | 9:00–9:10 PM |
| पानीपत | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| लखनऊ | 5:54 PM | 9:10–9:20 PM |
| आगरा | 5:54 PM | 9:05–9:15 PM |
| कानपुर | 5:53 PM | 9:10–9:20 PM |
| जयपुर | 5:55 PM | 9:00–9:10 PM |
| पटना | 5:45 PM | 9:20–9:30 PM |
| चंडीगढ़ | 5:56 PM | 9:05–9:15 PM |
| भोपाल | 6:08 PM | 9:20–9:30 PM |
| इंदौर | 6:09 PM | 9:20–9:30 PM |
| मुंबई | 6:23 PM | 9:35–9:45 PM |
| पुणे | 6:22 PM | 9:35–9:45 PM |
| अहमदाबाद | 6:19 PM | 9:30–9:40 PM |
| सूरत | 6:21 PM | 9:30–9:40 PM |
| वडोदरा | 6:20 PM | 9:30–9:40 PM |
| कोलकाता | 5:37 PM | 9:30–9:40 PM |
| चेन्नई | 6:16 PM | 9:25–9:35 PM |
| बेंगलुरु | 6:24 PM | 9:30–9:40 PM |
| हैदराबाद | 6:15 PM | 9:25–9:35 PM |
| रायपुर | 6:11 PM | 9:20–9:30 PM |
| भुवनेश्वर | 5:40 PM | 9:25–9:35 PM |
| गुवाहाटी | 5:28 PM | 9:35–9:45 PM |
| वाराणसी | 5:49 PM | 9:15–9:25 PM |
| प्रयागराज | 5:51 PM | 9:15–9:25 PM |
| कोच्चि (कोची) | 6:22 PM | 9:30–9:40 PM |
| तिरुवनंतपुरम | 6:23 PM | 9:30–9:40 PM |
| गोवा | 6:24 PM | 9:35–9:45 PM |
| उदयपुर | 5:56 PM | 9:00–9:10 PM |
क्या जया एकादशी व्रत का पारण आज सूर्यास्त पर होगा?
29 जनवरी 2026 को सूर्यास्त के समय एकादशी व्रत का पारण नहीं होगा। जया एकादशी का व्रत सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन द्वादशी तिथि में खोला जाता है। शास्त्रों के अनुसार एकादशी व्रत का पारण सूर्यास्त के समय नहीं किया जाता। पारण हमेशा अगले दिन सुबह, जब द्वादशी तिथि लगी हो और सूर्य उदय हो चुका हो, तभी किया जाता है।
इसलिए जया एकादशी का सही पारण 30 जनवरी 2026, शुक्रवार की सुबह किया जाएगा। सूर्यास्त पर व्रत खोलना व्रत नियमों के विरुद्ध माना जाता है और इससे व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता।
29 जनवरी 2026 की संध्या पर एकादशी में क्या करें
पंचांग के अनुसार सूर्यास्त का समय धार्मिक कार्यों, व्रत नियम और संध्या पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। जया एकादशी जैसे व्रतों में सूर्यास्त के समय को जानना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि कई लोग इसी समय संध्या नियमों का पालन करते हैं। एकादशी की संध्या को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस समय वातावरण में सात्विक ऊर्जा बढ़ जाती है, जो भक्ति और ध्यान के लिए अनुकूल होती है। इसलिए ये कार्य करें -
- सूर्यास्त के आसपास घर में घी या तेल का दीपक जलाएं और ईश्वर का स्मरण करें।
- भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की तस्वीर के सामने शांत मन से बैठें।
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या ॐ नमः नारायणाय मंत्र का 108 बार जाप करें।
- तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाकर जल अर्पित करें, यदि संभव हो।
- भजन, विष्णु सहस्रनाम या गीता का पाठ करना विशेष शुभ माना जाता है।
इस तरह एकादशी पर संध्या के समय किया गया जप, दान और पूजा कई गुना फल देता है। माना जाता है कि एकादशी की संध्या भगवान विष्णु भक्तों की प्रार्थनाओं को शीघ्र स्वीकार करते हैं।
