Lucky Zodiac Signs: सूर्य ग्रह को वैदिक ज्योतिष शास्त्र में प्रभावशाली ग्रहों में से एक माना गया है, जिनका जल्द ही कर्क राशि में गोचर होगा। हालांकि, सूर्य गोचर के कुछ दिनों बाद चंद्रमा यानी चंद्र ग्रह भी कर्क राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में इन दोनों ग्रहों का मिलन होगा, जिसे ज्योतिष शास्त्र में युति कहा जाता है। ये युति काफी शक्तिशाली होगी क्योंकि इसमें ग्रहों के राजा सूर्य हैं, जिनका सीधा संबंध व्यक्ति के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, पिता से संबंध, सरकारी नौकरी और उच्च प्रशासनिक पद आदि से है। वहीं, चंद्रमा व्यक्ति के मन, मानसिक स्थिति, भावनाओं, चंचलता, प्रेम, कोमलता और निर्णय लेने की क्षमता आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं। चलिए अब जानें सूर्य गोचर से बनने वाली सूर्य-चंद्र की युति के समय और प्रभाव के बारे में।
गोचर ही नहीं, युति का भी पड़ेगा इन राशियों पर शुभ प्रभाव
गोचर और युति के बनने का समय
द्रिक पंचांग के मुताबिक, 16 जुलाई 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य रात 11 बजकर 44 मिनट पर कर्क राशि में गोचर करेंगे, जहां पर वह करीब एक महीने तक रहेंगे। इस बीच 11 अगस्त 2026 को सुबह 4 बजकर 42 मिनट पर चंद्रमा का कर्क राशि में गोचर होगा, जिससे सूर्य-चंद्र की युति बनेगी। बता दें कि 13 अगस्त की सुबह 6 बजकर 6 मिनट तक ये युति प्रभावी रहने वाली है। हालांकि, सूर्य कर्क राशि में 17 अगस्त की सुबह 8 बजकर 3 मिनट तक रहेंगे।
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इन 3 राशियों का कम होगा तनाव
- वृषभ राशि
- कर्क राशि
- सिंह राशि
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