Surya Yam Dwidwadash Yog : 22 फरवरी की शाम 8 बजकर 16 मिनट पर सूर्य और यम के बीच 30 डिग्री का कोण बनते ही द्विद्वादश योग का निर्माण हो गया है। दोनों ग्रह कुंभ राशि में स्थित हैं। ज्योतिष में ग्रहों के राजा सूर्य को पिता और आत्मबल का कारक माना जाता है, जबकि मृत्यु के देवता यम को कर्मफल, अनुशासन और गहरे परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। जब ये दोनों 2/12 संबंध में आते हैं, तो इसे द्विद्वादश योग कहा जाता है। यह योग सामान्य रूप से मिश्रित फल देता है। वहीं, कुछ राशि वालों के लिए यह खुशियां लाने वाला माना जाता है। सूर्य स्वयं यम के पिता है। इस कारण दोनों में पिता और पुत्र का रिश्ता है। वहीं, कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं, जो यम के सौतेले भाई और सूर्य के पुत्र हैं। आइए जानते हैं कि द्विद्वादश योग किन राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।
सूर्य और यम के बीच बन गया द्विद्वादश योग
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए यह योग नवम भाव को प्रभावित करेगा। जो भाग्य, धर्म और उच्च शिक्षा का भाव है। सूर्य और यम का द्विद्वादश योग भाग्य में धीरे-धीरे मजबूती दे सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और वरिष्ठ लोगों से मार्गदर्शन मिल सकता है। यह समय नई योजना बनाने और करियर में दिशा तय करने के लिए अच्छा माना जा सकता है। पिता या गुरु समान व्यक्ति से सहयोग मिलने की संभावना है।
सिंह राशि
सिंह राशि के लिए यह योग सप्तम भाव को प्रभावित करेगा, जो पार्टनरशिप और दांपत्य जीवन से जुड़ा है। सूर्य आपकी राशि का स्वामी है, इसलिए यह योग रिश्तों में स्पष्टता और जिम्मेदारी ला सकता है। व्यवसायिक साझेदारी में सुधार हो सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
तुला राशि
तुला राशि के लिए यह योग पंचम भाव पर अपना प्रभाव डालेगा। जो बुद्धि, संतान और रचनात्मकता से जुड़ा है। सूर्य और यम का यह संबंध मानसिक स्पष्टता और डिसिप्लिन ला सकता है। जो लोग क्रिएटिव फील्ड में हैं, उन्हें पहचान मिल सकती है। संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है। पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए यह समय फोकस बढ़ाने वाला रहेगा।
धनु राशि
धनु राशि के लिए यह गोचर तृतीय भाव को प्रभावित करेगा। जो साहस, कम्युनिकेशन और प्रयास का भाव है। यह योग आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत कर सकता है। छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम दे सकते हैं। मीडिया, लेखन, मार्केटिंग या कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों के लिए समय सकारात्मक रह सकता है। भाई-बहनों से संबंध भी सुधर सकते हैं।
कुंभ राशि
कुंभ राशि में ही यह योग बन रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों के लिए इसका प्रभाव अधिक रहेगा। सूर्य आत्मबल देगा और यम अनुशासन। यह समय खुद को नए स्तर पर ले जाने का हो सकता है। पर्सनालिटी में निखार आएगा और नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी। अगर कोई पुरानी गलती सुधारने का मौका मिल रहा है, तो उसे जरूर अपनाएं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
