Story of Avatar: पहले अवतार से जुड़ी है भगवान के दूसरे अवतार की कथा, धरती की इस तरह की थी रक्षा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 27, 2023, 12:37 PM IST

Story of Avatar: सृष्टि के आरंभ में भगवान ने मत्स्य अवतार के बाद लिया था श्रीवराह अवतार। आसान शब्दों में समझें तो विशाल जंगली शूकर के रूप में प्रकट हुए थे भगवान। समुद्र में समा चुकी धरती की रक्षा के लिए भगवान हुए थे प्रकट। चलिए जानते हैं यह पौराणिक कथा।

KEY HIGHLIGHTS
  • भगवान श्रीहरि विष्णु ने श्रीवराह रूप में लिया था दूसरा अवतार
  • समुद्र में डूबी धरती की रक्षा के लिए लिया था भगवान ने अवतार
  • वराह रूप में अपने सींगों पर धरती को उठाकर बाहर निकाला था

Story of Avatar: आपको हाल ही में प्रदर्शित हुयी दक्षिण भारतीय फिल्म कंतारा तो याद होगी। फिल्म में जिस भगवान की स्तुति की गयी है वो भगवान श्रीविष्णु के दूसरे अवतार श्रीवराह ही हैं। भगवान का ये अवतार सृष्टि के आरंभ में धरती की रक्षा के लिए हुआ था। भगवान विष्णु के श्रीवराह अवतार की कथा उनके प्रथम अवतार मत्स्य से जुड़ी है। आइये आपको सनातन धर्म से जुड़ी इस पौराणिक कथा से अवगत कराते हैं।

श्रीवराह अवतार की कथा

मत्स्य अवतार की सहायता से प्रलय में सृष्टि के अंशाें को राजा मनु ने बचाया था। इसके बाद ब्रह्मा से पुनः सृष्टिक्रम प्रारंभ करने की आज्ञा पाये हुए स्वायम्भुव मनु ने पृथ्वी को जल प्रलय में डूबता देखकर उनसे प्रार्थना की कि आप मेरे और मेरी प्रजा के रहने के लिए पृथ्वी के उद्धार का प्रयत्न करें, जिससे मैं आपकी आज्ञा का पालन कर सकूं। ब्रह्माजी इस विचार में पड़कर कि पृथ्वी तो रसातल में चली गयी है, इसे कैसे निकाला जाए, वे सर्वशक्तिमान श्रीहरि की शरण में गए।

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