उडुपी श्रीकृष्ण को समर्पित किया गया श्रील प्रभुपाद को मिला 'विश्वगुरु' सम्मान, कार्यक्रम में मौजूद रहे कई संत

उडुपी के श्रीकृष्ण मठ में चल रहे विश्व गीता पर्याय में इस्कॉन के संस्थापक श्रीएल प्रभुपाद को मिले विश्वगुरु सम्मान को उडुपी श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित किया गाय। इस अवसर पर हरिद्वार के निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज और कई पीठाधीश्वर व साधु-संत मौजूद रहे। उडुपी मठ की कलरफुल आध्यात्मिक पत्रिका ‘श्री तुलसी’ का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम का समापन गुरु पूजा, पुत्तिगे मठ के दीवानों के सम्मान तथा सभी भक्तों को श्रीकृष्ण प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

उडुपी का पावन श्रीकृष्ण मठ इन दिनों विश्व गीता पर्याय के रंग में रंगा हुआ है। यहां श्रीकृष्ण समर्पणोत्सव आयोजित किया है। इस महोत्सव में इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य परम पूज्य श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद को महाकुंभ 2025 में मिला 'विश्वगुरु' सम्मान उडुपी श्रीकृष्ण के श्रीचरणों में समर्पित किया गया है। यह श्रीकृष्ण समर्पणोत्सव पुत्तिगे मठ और इस्कॉन बेंगलुरु के संयुक्त प्रयास से राजांगण में आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव में कई साधु-संतों सहित हजारों भक्तों ने भाग लिया।

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इस्कॉन संस्था ने आयोजित किया कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत इस्कॉन बेंगलुरु अध्यक्ष और अक्षय पात्र फाउंडेशन चेयरमैन मधु पंडित दास ने की। कार्यक्रम में परम पूज्य पुत्तिगे मठ के पीठाधीश श्री श्री सुगुणेन्द्र तीर्थ स्वामीजी और उनके उत्तराधिकारी श्री श्री सुष्रीन्द्र तीर्थ स्वामीजी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। स्वामीजी का यह चौथा पर्याय काल है, जिसमें उन्होंने विश्व गीता पर्याय की शुरुआत की और कई आध्यात्मिक पहलें शुरू की हैं। इसके साथ ही हरिद्वार से पधारे निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य कैलाशानंद गिरी महाराज भी मौजूद रहे।

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