Somvati Amavasya Puja Vidhi 2024: सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या सारे अमावस्या तिथियों में खास मानी जाती है। साल 2024 की आखिरी सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर 2024 को पड़ रही है। अमावस्या तिथि पर पवित्र नदी में स्नान और दान किया जाता है। सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा- अर्चना की जाती है। अमावस्या तिथि पर पितरों की पूजा की जाती है। आइए जानें सोमवती अमावस्या पर किस विधि से पूजा करनी चाहिए।
Somvati Amavasya Puja Vidhi 2024 (सोमवती अमावस्या पूजा विधि)
- सोमवती अमावस्या के दिन सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए।
- उसके बाद स्नान के बाद देशी घी से पितरों के नाम का दीपक जलाएं।
- इस दिन ब्रह्मणों को भोजन कराएं और अपनी इच्छानुसार दान करें।
- सोमवती अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करना चाहिए।
- इस दिन तुलसी जी की पूजा के समय तुलसी मंत्रों का जाप करें।
- सोमवती अमावस्या पर भगवान विष्णु और शिव जी पूजा की जाती है।
Somvati Amavasya Mantra (सोमवती अमावस्या पूजा मंत्र)
- ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्
- ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान
- ॐ नम: शिवाय
- ॐ आपदामपहर्तारम दातारं सर्वसम्पदाम्, लोकाभिरामं श्री रामं भूयो-भूयो नामाम्यहम
- ॐ कुल देवताभ्यो नमः
Somvati Amavasya Ka Mahatav (सोमवती अमावस्या का महत्व)
सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी जी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। सोमवती अमावस्या पर शिव जी की पूजा करने से भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है। तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
