Skanda Sasthi 2024: किस दिन मनाया जाएगा स्कंद षष्ठी त्योहार, यहां जानें सही डेट और महत्व

Skanda Sasthi 2024: हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान मुरगन की पूजा की जाती है। ये त्योहार दक्षिण भारत के लोगों द्वारा मनाया जाता है। आइए जानते हैं कब है स्कंद षष्ठी का त्योहार। यहां जानें सही डेट और महत्व।

Skanda Sasthi 2024: स्कंद षष्ठी के त्योहार का धार्मिक रूप में बहुत महत्व है। इस दिन ही भगवान मुरगन ने तारकासुर और सिंहमुख नामक राक्षसों का वध कर अपने भक्तों की रक्षा की थी। ये व्रत तमिल में विशेष रूप से मनाया जाता है। भगवान कार्तिकेय को ही भगवान मुरगन के रूप में पूजा जाता है। यह व्रत भी हर महीने की षष्ठी तिथि को किया जाता है। इस दिन साधक विधि- विधान से भगवान स्कंद की पूजा- अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं साल 2024 में कब है स्कंद षष्ठी और इसके महत्व के बारे में।

Skanda Sasthi 2024

Skanda Sasthi 2024 Date (स्कंद षष्ठी डेट 2024)

साल 2024 जनवरी में स्कंद षष्ठी का व्रत 16 जनवरी 2024 को रखा जाएगा। इस दिन जो भी साधक पूरे विधि- विधान से स्कंद षष्ठी का व्रत करता है, उसकी सारी मनोकामना पूरी होती है।

Skanda Sasthi Puja Vidhi ( स्कंद षष्ठी पूजा विधि)

  • इस दिन सुबह जल्दी उठें और पवित्र नदी में स्नान करें।
  • अपने घर के मंदिर को साफ करें।
  • उसके बाद इस व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान स्कंद की प्रतिमा स्थापित करें।
  • उनके सामने घी का दीपक जलाएं।
  • फूलों की माला भगवान क अर्पित करें।
  • भगवान को भोग लगाएं.
  • पूजा आरती संपन्न करें।
  • अगले दिन प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही अपना व्रत खोलें।

Skanda Sasthi Importance ( स्कंद षष्ठी महत्व)

स्कंद षष्ठी का बड़ा धार्मिक महत्व है। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन भगवान मुरुगन ने तारकासुर और सिंहमुक राक्षसों का वध किया था। कहा जाता है कि भगवान मुरुगन ने राक्षसों का वध करके अपने अनुयायियों के जीवन में शांति लायी थी। तब से, श्रद्धालु इस शुभ दिन पर भगवान स्कंद की पूजा करते आ रहे हैं। स्कंद देव भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। उत्तर भारत में स्कंद जी को भगवान गणेश के बड़े भाई के रूप में पूजा जाता है। भगवान स्कंद के अन्य नाम मुरुगन, कार्तिकेयन और सुब्रमण्यम हैं।

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