Shukra Asta 2026 : शारदीय नवरात्रि के बीच एक बड़ा ज्योतिषीय बदलाव हुआ है। 12 अक्टूबर 2026 को धन, वैभव और सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र अस्त हो गए हैं। अब शुक्र 29 अक्टूबर को उदय होंगे। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और दूसरे मांगलिक संस्कारों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं होते हैं। इसके साथ ही इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों की खरीदारी या बातचीत शुरू करनी भी शुभ नहीं माना जाता है। खास बात यह है कि शुक्र के अस्त होने की अवधि नवरात्रि के दौरान पड़ रही है। ऐसे में देवी आराधना के बीच शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों को तय आदि करने का कार्य भी वर्जित रहेगा। हालांकि चातुर्मास होने के कारण शुभ कार्यों को करने पर पहले से ही रोक है।
शुक्र अस्त के दौरान कौन से काम नहीं होंगे
ज्योतिष में शुक्र को विवाह, लव लाइफ, लग्जरी, वाहन, सौंदर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। जब शुक्र अस्त होते हैं, तो उनकी शुभ स्थिति कमजोर मानी जाती है। यही वजह है कि हिंदू मुहूर्त परंपरा में शुक्र के अस्त होने पर कुछ खास संस्कारों को टालना ही सही माना जाता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इस दौरान पूजा-पाठ, व्रत, दान-पुण्य या नवरात्रि के धार्मिक कार्यक्रम बंद हो जाएंगे। रोक मुख्य रूप से उन मांगलिक संस्कारों पर होती है, जिनके लिए गुरु और शुक्र की उदित अवस्था को महत्वपूर्ण माना जाता है।
कब उदय होंगे शुक्र
शुक्र 12 अक्टूबर 2026 को अस्त हुए हैं और 29 अक्टूबर को उदय होंगे। इस अवधि में शुक्र का तारा दिखाई नहीं देगा। शुक्र के सूर्य के पास आने और उसकी तेज रोशनी में छिप जाने को ज्योतिष में शुक्र अस्त या शुक्र तारा अस्त कहा जाता है। शुक्र को विवाह और दांपत्य जीवन से जुड़ा ग्रह माना जाता है। इस कारण उनके अस्त होने पर शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त तय नहीं किए जाते हैं। शुक्र की उदित अवस्था को इन संस्कारों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
शुक्र अस्त होने पर नहीं होते हैं ये काम
शुक्र अस्त होने पर शादी-विवाह को नहीं किया जाता है। हालांकि चातुर्मास चलने के कारण इस दौरान विवाह पहले से ही वर्जित है, लेकिन सगाई या विवाह पक्का होने जैसे शुभ कार्य इस दौरान किए जा सकते हैं। ज्योतिष में शुक्र को विवाह, प्रेम और दांपत्य सुख का कारक माना गया है। ऐसे में शुक्र के अस्त रहने पर विवाह के लिए शुभ मुहूर्त नहीं निकाले जाते हैं। इस अवधि में शादी की तारीख तय करने, सगाई या रोका जैसे कार्यक्रम करने से भी इस दौरान बचना चाहिए।
नए घर में गृह प्रवेश
शुक्र अस्त होने पर नए घर में पहली बार प्रवेश करने का कार्यक्रम भी टालने चाहिए। गृह प्रवेश के समय घर की सुख-शांति और खुशहाली के लिए विशेष पूजा की जाती है। इस संस्कार में शुभ मुहूर्त को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस कारण 12 अक्टूबर से 29 अक्टूबर के बीच नए घर में प्रवेश या बड़े स्तर पर गृह प्रवेश की पूजा की योजना बना रहे हैं, तो दूसरी तारीख का मुहूर्त निकलवा सकते हैं।
नए घर का निर्माण और शिलान्यास
कई मुहूर्त परंपराओं में शुक्र अस्त रहने पर नए घर की नींव रखने, शिलान्यास और निर्माण की औपचारिक शुरुआत को भी टालना चाहिए। नए घर या भवन का निर्माण शुरू करने के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास का मुहूर्त अलग से निकाला जाता है।
मुंडन संस्कार
मुंडन संस्कार को भी शुभ संस्कारों में शामिल किया जाता है। बच्चे के पहली बार बाल उतरवाने के लिए शुभ तिथि और मुहूर्त देखा जाता है। शुक्र अस्त के दौरान कई परंपराओं में मुंडन जैसे संस्कार टाल दिए जाते हैं। अगर परिवार में बच्चे का मुंडन कराने की योजना है, तो शुक्र के उदय के बाद उपलब्ध मुहूर्त देख सकते हैं।
जनेऊ और उपनयन संस्कार
जनेऊ यानी उपनयन संस्कार के लिए भी शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। इस संस्कार में बच्चे को धार्मिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जुड़ी शिक्षा देने की शुरुआत होती है। शुक्र अस्त रहने पर कई मुहूर्त परंपराओं में उपनयन संस्कार को टालना चाहिए।
मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा और बड़े धार्मिक आयोजन
मंदिर में नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा और कुछ बड़े धार्मिक संस्कारों के लिए भी ग्रहों की स्थिति देखकर मुहूर्त निकाला जाता है। शुक्र अस्त रहने पर कई परंपराओं में ऐसे नए मांइन 6 कामों पर लग गई रोक, अस्त हो गए धन के दाता; नवरात्रि के बावजूद नहीं होंगे शुभकार्यगलिक आयोजनों को टालना चाहिए। हालांकि, रोजाना की पूजा, मंदिर में दर्शन, देवी की आराधना और पहले से चल रहे धार्मिक कार्यक्रमों पर इससे रोक नहीं लगती है। बड़े आयोजन की तारीख तय करते समय संबंधित पूजा की विधि और स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।
क्या शुक्र अस्त होने पर बिजनेस शुरू करना और वाहन खरीदना भी मना है
शुक्र को लग्जरी, वाहन और सुख-सुविधाओं से जुड़ा ग्रह माना जाता है। विवाह और गृह प्रवेश जैसे संस्कारों की तरह वाहन खरीदने या बिजनेस शुरू करने को हर स्थिति में वर्जित नहीं माना जाता है। इन कामों के लिए अलग शुभ मुहूर्त देखा जा सकता है। अगर आप नया ऑफिस खोलने, दुकान का उद्घाटन करने या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपने काम के अनुसार मुहूर्त निकलवा सकते हैं। केवल शुक्र अस्त होने के कारण हर आर्थिक या व्यावसायिक गतिविधि रोकने की जरूरत नहीं है। हालांकि फिर भी अलग ये टल सके तो टालना ही बेहतर होता है।
