Ram Bhajan in Hindi: राम नवमी के लिए श्री राम के भजन, देखें भए प्रगट कृपाला दीनदयाला के लिरिक्स इन हिंदी लिखित

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 30, 2023, 08:15 AM IST

Ram Navami 2023 Bhajan Bhaye Pragat Kripala Deen Dayala Lyrics in Hindi: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र शुक्ल नवमी दिन भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ के घर में हुआ था। लोग इस दिन प्रभुश्री राम, माता सीता की आराधना करते हैं और उनके भजन गाते हैं। श्रीराम जन्मोत्सव में सबसे ज्यादा जो भजन गाया जाता है, उसके बोल हैं- भए प्रगट कृपाला दीन दयाला। यह भजन यूट्यूब (Bhaye Pragat Kripala Deen Dayala Youtube) पर भी काफी सुना जाता है। आइये जानते हैं भए प्रगट कृपाला दीन दयाला के लिरिक्स इन हिंदी

Ram Bhajan Lyrics Hindi: Bhaye Pragat Kripala Deen Dayala Bhajan Lyrics: देशभर में चैत्र नवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है और आज नौंवे दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जा रही है। चैत्र नवरात्र में नवमी तिथि को रामनवमी का पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ के घर में हुआ था। यह दिन भगवान श्रीराम को समर्पित है। लोग इस दिन प्रभुश्री राम, माता सीता की आराधना करते हैं और उनके भजन गाते हैं। श्रीराम जन्मोत्सव में सबसे ज्यादा जो भजन गाया जाता है, उसके बोल हैं- भए प्रगट कृपाला दीन दयाला। यह भजन यूट्यूब (Bhaye Pragat Kripala Deen Dayala Youtube) पर भी काफी सुना जाता है। मशहूर कथा वाचक जया किशोरी (Jaya Kishori) ने भी अपनी मधुर आवाज में इस भजन को गाया है। आइये जानते हैं भए प्रगट कृपाला दीन दयाला के लिरिक्स इन हिंदी

Ram Bhajan in Hindi: राम नवमी के लिए श्री राम के भजन, देखें भए प्रगट कृपाला दीनदयाला के लिरिक्स इन हिंदी लिखित

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला - भजन (Bhaye Pragat Kripala Deen Dayala) Ram Navami 2023

छंद:

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,

कौसल्या हितकारी ।

हरषित महतारी, मुनि मन हारी,

अद्भुत रूप बिचारी ॥

लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा,

निज आयुध भुजचारी ।

भूषन बनमाला, नयन बिसाला,

सोभासिंधु खरारी ॥

कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी,

केहि बिधि करूं अनंता ।

माया गुन ग्यानातीत अमाना,

वेद पुरान भनंता ॥

करुना सुख सागर, सब गुन आगर,

जेहि गावहिं श्रुति संता ।

सो मम हित लागी, जन अनुरागी,

भयउ प्रगट श्रीकंता ॥

ब्रह्मांड निकाया, निर्मित माया,

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