Mahashivratri 2024 (शिवलिंग पूजा नियम) Shivling Par Jal Chadhane ke Niyam: महाशिवरात्रि साल की 12 शिवरात्रियों में सबसे खास होती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। शास्त्रों में ये भी लिखा गया है कि इसी दिन सृष्टि का निर्माण हुआ था। कहा जाता है कि इस दिन पूजा और व्रत करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) के दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है। हालांकि कुछ लोग शिवलिंग का अभिषेक करने में गलतियां भी करते हैं।
Shivling par kya Chadhaye: Mahashivratri में शिवलिंग पर क्या चढाएं क्या नहीं
शिवलिंग पर ये चीजें अर्पित करना है वर्जित (Do Not Offer These Things On Shivling)
शिवलिंग का अभिषेक करते समय हमें कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए, मसलन हमें क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं। शास्त्रों में कई चीजों से शिवलिंग का अभिषेक करने की मनाही है। इनमें कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें लोग पवित्र मानते हुए भूलवश शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं। आइए जानते हैं क्या चीजें शिवलिंग पर चढ़ाने की मनाही है।हल्दी
शास्त्रों में बताया गया है कि हल्दी स्त्रियों से संबंधित वस्तु है और शिवलिंग को पुरुष तत्व माना गया है। इसी वजह से भगवान शिव की पूजा में हल्दी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
तुलसी
कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने तुलसी के पति असुर जालंधर का वध कर दिया था, जिससे क्रोधित होकर तुलसी ने खुद ही भगवान शिव की पूजा से खुद को वंचित कर दिया। इस कारण से तुलसी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाई जाती है।
शंख से जलाभिषेक
भगवान शिव ने दैत्य शंखचूड़ का वध किया था इसलिए उनकी पूजा में शंख का प्रयोग नहीं किया जाता। शंख से जलाभिषेक करना भी इसीलिए वर्जित है।
नारियल का पानी
दूसरे देवताओं की तरह शिव की पूजी में नारियल पानी का इस्तेमाल नहीं करते हैं। भगवान शिव की पूजा में गन्ने का रस, दूध, शहद, दही आदि चीजें अर्पित की जाती हैं।
केतकी, कनेर या लाल रंग के फूल
मान्यता है कि महादेव बेलपत्र, भांग और धतूरे के जलाभिषेक से प्रसन्न हो जाते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि शिवलिंग पर केतकी, कनेर या लाल रंग के फूल जैसे कमल आदि अर्पित करना वर्जित है।
कुमकुम, सिंदूर और रोली
कुमकुम, सिंदूर व रोली को भी स्त्री तत्व माना जाता है। शिवलिंग को पुरुष तत्व माना जाता है इसीलिए महादेव की पूजा में इनका प्रयोग वर्जित है।
