Rudrabhishek Vidhi, Mantra: भगवान शिव का एक पवित्र नाम रुद्र है। तो वहीं अभिषेक का अर्थ है स्नान कराना। ऐसे में रुद्राभिषेक का अर्थ हुआ भगवान रुद्र का अभिषेक करना यानी शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों के द्वारा अभिषेक करना ही रुद्राभिषेक कहलाता है। सावन में भगवान शिव का अभिषेक विभिन्न द्रव्यों से कराया जाता है। कहते हैं रुद्राभिषेक से शिव जी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। यहां हम आपको बताएंगे रुद्राभिषेक कैसे कराया जाता है, इसकी विधि, महत्व और मंत्र क्या है।
Rudrabhishek Vidhi And Mantra
Rudrabhishek Samagri List In Hindi (रुद्राभिषेक सामग्री लिस्ट)
शुद्ध जल, घी, दूध, दही, शहद, गुलाबजल, पान, सुपारी, गन्ने का रस, कपूर, श्रृंगी, बिल्वपत्र, धुप, मौली, भांग, नारियल, दीपक, बत्ती, अगरबत्ती, मेवा, मिठाई, धतूरा।
Rudrabhishek Mantra (रुद्राभिषेक मंत्र)
बता दें रुद्राभिषेक पूजा शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी के सभी मुख्य आठों अध्यायों में दिए गए मन्त्रों से की जाती है लेकिन यदि आप स्वयं ही सरल विधि से रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए रुद्राभिषेक मंत्र से भी आप भोलेनाथ का रुद्राभिषेक कर सकते हैं...
ॐ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च
मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च ॥
ईशानः सर्वविद्यानामीश्व रः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपति
ब्रह्मा शिवो मे अस्तु सदाशिवोय् ॥
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
अघोरेभ्योथघोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः सर्वेभ्यः सर्व सर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररुपेभ्यः ॥
वामदेवाय नमो ज्येष्ठारय नमः श्रेष्ठारय नमो
रुद्राय नमः कालाय नम: कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमः
बलाय नमो बलप्रमथनाथाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः ॥
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः ।
भवे भवे नाति भवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः ॥
नम: सायं नम: प्रातर्नमो रात्र्या नमो दिवा ।
भवाय च शर्वाय चाभाभ्यामकरं नम: ॥
यस्य नि:श्र्वसितं वेदा यो वेदेभ्योsखिलं जगत् ।
निर्ममे तमहं वन्दे विद्यातीर्थ महेश्वरम् ॥
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिबर्धनम् उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् ॥
सर्वो वै रुद्रास्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु । पुरुषो वै रुद्र: सन्महो नमो नम: ॥
विश्वा भूतं भुवनं चित्रं बहुधा जातं जायामानं च यत् । सर्वो ह्येष रुद्रस्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु ॥
Rudrabhishek Vidhi In Hindi (रुद्राभिषेक पूजा विधि)
इस पूजा को करने के पहले शिव, पार्वती, अन्य देवी देवताओं का आसन तैयार करते हैं। नव ग्रहों के स्थान तय किये जाते हैं। सभी के पूजन के बाद शिवलिंग की पूजा की जाती है। शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखते हैं। भक्त पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठता है। अब जिस चीज से अभिषेक करना है उससे शिवलिंग को स्नान कराते हैं और सामग्री शिवलिंग पे चढ़ायी जाती है। भगवान को वस्त्र मिस्ठान और भी सामग्रियां अर्पित करके आरती की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में शिवलिंग पे गिरने वाली धार बन्द नहीं होनी चाहिए। ॐ नमः शिवाय का जप पूरी प्रक्रिया में चलता रहेगा। रुदभिषेक करने से सभी देवताओं के पूजन अपने आप हो जाते हैं।
Rudrabhishek Kis Chiz Se Karna Chahiye (रुद्राभिषेक किस चीज से करना चाहिए)
- दुग्ध से रुद्राभिषेक करने से सुख और सम्पन्नता आती है।
- जल से वर्षा होती है। आत्मिक शांति मिलती है।
- कुशोदक से रोगों से मुक्ति मिलती है।
- गन्ने के रस से धन की प्राप्ति होती है।
- शहद से सम्पन्नता आती है।
- घी से अचल संपत्ति की प्राप्ति होती है।
- तीर्थ के जल से भगवान शिव के स्वरूप शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है
Rudrabhishek Ke Fayde (रुद्राभिषेक के लाभ)
“रुद्राभिषेक” कराने से व्यक्ति को शक्ति, सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। आप अपनी श्रद्धानुसार ऊपर दी गई चीजों में से किसी भी चीज से रुद्राभिषेक करा सकते हैं।
Rudrabhishek Kab Kare (रुद्राभिषेक कब कराना चाहिए)
कहा जाता है कि भगवान शिव सदैव पूरे ब्रह्माण्ड के चक्कर लगाते रहते हैं। इसलिए जब भी रुद्राभिषेक कराने जा रहे हों तो शिव वास जरूर चेक कर लें। जब शिव वास शुभ स्थिति में होता है तब ही रुद्राभिषेक कराना चाहिए।
