Shitala Mata Ki Aarti: जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता...यहां देखें शीतला माता की आरती के लिरिक्स

Shitala Mata Ki Aarti (शीतला माता की आरती): हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि पर मां शीतला की पूजा होती है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार माता शीतला की पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। यहां आप देखेंगे शीतला माता की आरती।

Shitala Mata Ki Aarti (शीतला माता की आरती): सनातन धर्म में शीतला सप्तमी और अष्टमी का विशेष महत्व माना गया है। इस पर्व को बसौड़ा भी कहा जाता है। इस दिन माता शीतला को बासी भोजन का ही भोग लगाया जाता है। श्रद्धालु माता का भोग एक दिन पहले ही तैयार कर लेते हैं। कहते हैं माता शीतला की पूजा करने से फोड़े, फुंसी, चेचक जैसी मौसमी बीमारियां नहीं होती हैं। कई लोग इस पर्व वाले दिन व्रत भी रखते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस दिन कौन सी आरती करनी चाहिए।

Shitala Mata Ki Aarti

Shitala Mata Ki Aarti

शीतला माता की आरती (Sheetla Mata Ki Aarti)

जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

आदि ज्योति महारानी,

सब फल की दाता ॥

ॐ जय शीतला माता..॥

रतन सिंहासन शोभित,

श्वेत छत्र भाता ।

ऋद्धि-सिद्धि चँवर ढुलावें,

जगमग छवि छाता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

विष्णु सेवत ठाढ़े,

सेवें शिव धाता ।

वेद पुराण वरणत,

पार नहीं पाता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

इन्द्र मृदङ्ग बजावत,

चन्द्र वीणा हाथा ।

सूरज ताल बजावै,

नारद मुनि गाता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

घण्टा शङ्ख शहनाई,

बाजै मन भाता ।

करै भक्तजन आरती,

लखि लखि हर्षाता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

ब्रह्म रूप वरदानी,

तुही तीन काल ज्ञाता ।

भक्तन को सुख देती,

मातु पिता भ्राता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

जो जन ध्यान लगावे,

प्रेम शक्ति पाता ।

सकल मनोरथ पावे,

भवनिधि तर जाता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

रोगों से जो पीड़ित कोई,

शरण तेरी आता ।

कोढ़ी पावे निर्मल काया,

अन्ध नेत्र पाता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

बांझ पुत्र को पावे,

दारिद्र कट जाता ।

ताको भजै जो नाहीं,

सिर धुनि पछताता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

शीतल करती जननी,

तू ही है जग त्राता ।

उत्पत्ति व्याधि बिनाशन,

तू सब की घाता ॥

ॐ जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

दास विचित्र कर जोड़े,

सुन मेरी माता ।

भक्ति आपनी दीजै,

और न कुछ भाता ॥

जय शीतला माता,

मैया जय शीतला माता ।

आदि ज्योति महारानी,

सब फल की दाता ॥

ॐ जय शीतला माता..॥

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