Navratri 2024 Kalash Visarjan Vidhi, Mantra And Muhurat: नवरात्रि पर्व के समापन वाले दिन दुर्गा विसर्जन के साथ ही कलश विसर्जन भी किया जाता है। कहते हैं जिस तरह से कलश की स्थापना विधिवत की जाती है ठीक वैसे ही इसका विसर्जन भी पूरी विधि विधान से करना चाहिए। कलश विसर्जन करते समय मंत्रों का जाप भी जरूर किया जाना चाहिए। चलिए आपको बताते हैं कलश विसर्जन की विधि और मंत्र।
Navratri Kalash Visarjan 2024 Vidhi And Mantra
नवरात्रि 2024 कलश विसर्जन मुहूर्त (Navratri 2024 Kalash Visarjan Muhurat)
कलश विसर्जन कई लोग नवमी के दिन हवन पूजन के बाद कर देते हैं तो कई लोग नवमी के अगले दिन कलश विसर्जित करते हैं। जो लोग नवमी पर कलश विसर्जन करते हैं वो 11 अक्टूबर 2024 को हवन पूजन और कन्या पूजन के बाद कलश विसर्जित करेंगे जो दशमी को ये कार्य करते हैं वो 12 अक्टूबर की सुबह कलश का विसर्जन करेंगे।
दुर्गा विसर्जन मुहूर्त (Durga Visarjan Muhurat 2024)
दुर्गा विसर्जन का मुहूर्त 12 अक्टूबर की दोपहर 01:17 से 03:35 बजे तक रहेगा।
कलश विसर्जन कैसे करना चाहिए (Kalash Ka Visarjan Kaise Kare)
पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार कलश में रखे गए जल को पीपल के पेड़ पर चढ़ा देना चाहिए। जबकि कलश और उसके अंदर रखे गए सिक्कों को अपने पास ही साल भर रखा जाना चाहिए।
कलश विसर्जन मंत्र (Kalash Visarjan Mantra)
कलश उठाते समय आपको 'आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥ मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन। फिर ' ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' मंत्र को बोलना है।
कलश विसर्जन विधि (Kalash Visarjan Vidhi)
- कलश के ऊपर रखे हुए नारियल को प्रसाद रूप में सभी में बांट दें।
- वहीं कलश के जल को आम के पत्तों से पूरे घर में छिड़क दें।
- ये जल परिवार के सभी लोगों के ऊपर भी छिड़कें।
- बचे हुए जल को तुलसी को छोड़कर किसी भी पेड़ में डाल दें।
- कलश के नीचे बोए गए जवारे को उस स्थान पर रख लें जहां आपने पैसा या कीमती सामान रखा है।
- कुछ जवारे अपने पर्स में भी रख सकते हैं।
- नवरात्रि पूजा में इस्तेमाल की गई पूजन सामग्री को पीपल के पेड़ पर रख दें।
