Sharad Purnima Ko Konsa Mantra Bolna Chahiye (शरद पूर्णिमा खीर अर्पण मंत्र, चंद्र अर्घ्य मंत्र): आज शरद पूर्णिमा के खास दिन पर माँ लक्ष्मी और चंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए इसे अर्पित किया जाता है। इस खीर को प्रसाद रूप में ग्रहण करने से स्वास्थ्य लाभ, धन-समृद्धि, और मानसिक शांति प्राप्त होती है। ये खीर इतनी खास होती है कि इसे बनाने और रखने के भी कुछ खास नियम होते हैं। वहीं, खीर रखते हुए कुछ मंत्रों का जाप भी करना चाहिए। यहां खीर अर्पण वाले मंत्रों के बारे में बताया गया है। साथ ही यहां चंद्रदेव के मंत्रों की जानकारी भी दी गई है।
शरद पूर्णिमा खीर अर्पण मंत्र-
ॐ चन्द्राय नमः।
चन्द्रमसे नमः।
अमृतकलाश पूरिताय नमः।
लक्ष्मीप्रियाय सोमाय नमः।
मम खीरं अमृततुल्यं कुरु कुरु स्वाहा॥
या फिर आप 'ॐ चंद्राय सोमाय नमः। चंद्रकिरणैः अमृतमय खीरं पूरय स्वाहा।' मंत्र भी बोल सकते हैं।
चंद्र देव मंत्र-
1) बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः॥
2) चंद्र गायत्री मंत्र
ॐ इन्द्रनीलाय विद्महे
कलारूपाय धीमहि
तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्॥
3) शांतिदायक चंद्र मंत्र
दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्।
नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुखचन्द्रनिभम्॥
4) चंद्र पूजन मंत्र
ॐ चंद्राय नमः
चंद्रदेव के मंत्र जाप करने का तरीका-
चंद्रदेव के इन मंत्रों का जाप करने के लिए शरद पूर्णिमा के दिन सफेद वस्त्र पहनें और सफेद पुष्प और चावल से चंद्रदेव का पूजन करें। रात में चंद्रमा को जल या दूध से अर्घ्य अर्पित करें। फिर जाप के लिए चंदन या रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें और आपको इन मंत्रों को 108 बार जाप करना है। आप अपनी क्षमता अनुसार भी जाप कर सकते हैं।
