Shani dev upay: शनि देव मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार न्यायोचित फल देते हैं। इसलिए उन्हें कर्म का देवता कहा जाता है। लेकिन नवग्रहों में शनि देव की दृष्टि सबसे अधिक भारी होती है। शनि देव का गुस्सा इतना खतरनाक और उग्र होता है, जिसे शांत करने के लिए कई उपाय करने पड़ते हैं। इसलिए हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी कुंडली में शनि ग्रह शांत रहे, जिससे कि उसे कष्टों का सामना नहीं पड़े। यही कारण है कि सभी नवग्रहों में शनि ग्रह को उग्र ग्रह माना जाता है। यदि किसी जातक की कुंडली में शनि की दशा भारी हो तो उसे जीवन में शारीरिक और मानसिक से लेकर आर्थिक कष्टों का भी सामना करना पड़ता है।
शनिदेव उपाय
हालांकि ज्योतिष में शनि की दशा जैसे की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रकोप को कम करने के लिए कई उपाय भी बताए गए हैं। यदि आपकी कुंडली में शनि की दशा भारी है तो तुरंत यह उपाय करने शुरू कर दें। इन उपायों से शनिदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
शनिदेव के उपाय
शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों तेल में चुपड़ी रोटी खिलाने से शनि की दशा कम होती है। साथ ही इस उपाय से शनिदेव प्रसन्न भी होते है। अगर आपकी कुंडली में शनि की दशा भारी है तो कभी भी कुत्तों को सताना नहीं चाहिए।
शनि देव को काला रंग अति प्रिय होता है। शनिवार के दिन आप काले पशु-पक्षियों को भोजन खिलाएं और काली वस्तुओं का दान करें। इस उपाय से भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में तेल में चीनी और काला तिल मिलाकर जल अर्पित करना चाहिए और पेड़ की तीन परिक्रमा लगानी चाहिए। इससे कुंडली में शनि का प्रभाव कम हो जाता है।
शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ कराने से भी कुंडली में शनि की दशा कम होती है। साथ ही शनिवार के दिन शनि देव के साथ बजरंगबली की पूजा करने के भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।
शनि ग्रह को शांत करने और शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए ये उपाय बेहद कारगर माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में शनि की दशा भारी है तो उसे जरूर ये उपाय करने चाहिए।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
