Marriage Totke: ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अपने पुत्र या पुत्री के विवाह के लिए चिंतित रहते हैं। जब भी विवाह की बात चलती है तो किसी न किसी तरह की बाधा उपस्थित हो जाती है। और संबंध नहीं पाता है। बहुत से युवा तो इस बात से बहुत निराश हो जाते हैं। उम्र का पड़ाव बढ़ता जाता है और बालों पर सफेद चांदी का रंग चढ़ता जाता है। विवाह में देरी जीवन की जैसे सबसे बड़ी समस्या जैसी बन जाती है। इस समस्या को सुलझाने के लिए ज्योतिष में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं।
विवाह में आने वाली बाधा हो सकती हैं दूर
कुंडली इस तरह बन सकता है विवाह योग
किसी भी शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान कार्तिकेय के चित्र के आगे 21 माला जप करने से पहले निम्न मंत्र को सिद्ध करें। फिर नियमित रूप से 11 माला जप के प्रभाव से केवल छह माह में विवाह का योग बन जाता है। मंत्र के जप में रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें।
मंत्र-
ह्लीं कुमाराय नमः।
अच्छे वर के लिए उपाय
प्रायः देखा जाता है कि माता पिता अपनी पुत्री का संबंध कहीं न जोड़ पाने के कारण परेशान रहते हैं। इच्छानुसार वर नहीं मिलता। उन माता पिता को चाहिए कि वे इय मंत्र का जप कन्या के मुख द्वारा कराएं।
हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणि कान्तकान्ता सुदुर्ल्भम्।।
इस मंत्र की साधना करने के लिए किसी शुभ मुहूर्त में साधिका अपने सामने भगवती गौरी का चित्र स्थापित कर लें। चित्र की पूजा पंचोपचार से करें। फिर मंत्र का कम से कम पांच माला जप करें। यह क्रिया 21 या 31 दिन करने से उत्तम वर की प्राप्ति होती है।
विवाह में हो रहा हो विलंब तो
यदि किसी के पुत्र या पुत्री के विवाह में विलंब हो रहा हो तो हरसिंगार की जड़ या फिर पुष्प को पूर्णिमा की रात्र में विवाह योग्य युवक या युवती के उपर से 21 बार उसारकर, तुलसी के पौधे के नीचे दबा दें। शीघ्र ही विवाह का योग समीप आ जाएगा।
होता है विवाह बाधा का शमन
यदि किसी लड़की की जन्मकुंडली योग के कारण उसके विवाह में बाधा आ रही हो तो वह “मंगल चंडिका स्त्रोत” का मंगलवार को और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें। इससे विवाह की बाधा शीघ्र दूर हो जाती है।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
