Sawan Shivratri Vrat Katha: सावन शिवरात्रि व्रत कथा, यहां पढ़ें भील और हिरनी की कहानी और पाएं भोलेबाबा का आशीर्वाद

Sawan Shivratri Vrat Katha (सावन शिवरात्रि व्रत कथा): आज सावन की शिवरात्रि है। अगर आप व्रत रख रहे हैं तो आपको शिवरात्रि की कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे व्रत का संपूर्ण फल मिलता है। यहां से आप सावन शिवरात्रि की कथा पढ़ सकते हैं। पढ़ें मासिक शिवरात्रि व्रत कथा, त्रयोदशी व्रत कथा कहानी हिंदी में लिखित।

Sawan Shivratri Vrat Katha In Hindi: शिवपुराण के अनुसार, सावन की शिवरात्रि अति फलदायी होती है। आज वहीं विशेष दिन है। सावन शिवरात्रि के दिन पूरे विधि-विधान से शिव पूजन करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस दिन व्रत रखने वाले शिवभक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। व्रत रखने के साथ शिवरात्रि के दिन कथा भी जरूर पढ़नी चाहिए। यहां से आप शिवरात्रि की कथा देख सकते हैं। पढ़ें मासिक शिवरात्रि व्रत कथा, त्रयोदशी व्रत कथा कहानी हिंदी में लिखित।

सावन शिवरात्रि व्रत कथा (Photo Source: iStock)

सावन शिवरात्रि की व्रत कथा

बहुत समय पहले वाराणसी के जंगल में गुरुद्रुह नाम का भील रहता था। वह शिकार के जरिए अपने परिवार का पेट भरता था। शिवरात्रि के दिन उसे कोई शिकार नहीं मिला जिसकी वजह से उसे चिंता होने लगी। जंगल में भटकते-भटकते वह झील के पास आ गया। झील के पास बिल्ववृक्ष था, वह पानी का पात्र भरकर बिल्ववृक्ष पर चढ़ गया और शिकार का इंतजार करने लगा। तब एक हिरनी वहां आई, उसे मारने के लिए वह अपना धनुष और तीर चढ़ाने लगा तभी बिल्ववृक्ष का पत्ता और जल पेड़ के नीचे स्थापित शिवलिंग पर गिर गया। ऐसे में शिवरात्रि के प्रथम प्रहर पर अनजाने में उसने पूजा कर ली।

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