Sawan Purnima Mantra 2023: श्रावणी पूर्णिमा की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में करें इस मंत्र का जाप, मिटेंगे दुख संताप

Sawan Purnima Mantra 2023: सनातन धर्म में पूर्णिमा के दिन स्नान, ध्यान, पूजा, जप, तप और दान का विधान है। इस दिन जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। श्रावणी पूर्णिमा के दिन किन मंत्रों का जाप करें। यहां पढ़ें सारी जानकारी।

Sawan Purnima Mantra 2023: रक्षाबंधन का त्योहार हर साल सावन पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार भद्रा करेल के प्रभाव के कारण राखी बांधने का सबसे अच्छा समय 30 अगस्त को रात 9:05 बजे से 31 अगस्त को सुबह 7:05 बजे तक है। सनातन धर्म में पूर्णिमा के दिन ध्यान, स्नान, प्रार्थना, तप स्मरण और दान देने का विधान है। इस दिन जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से सौभाग्य, समृद्धि और समृद्धि में वृद्धि होती है। इस बार 30 और 31 अगस्त दोनों ही दिन श्रावणी पूर्णिमा मनाई जाएगी। 31 अगस्त की सुबह 7 बजे से पहले ही श्रावणी पूर्णिमा का स्नान करना शुभ माना जा रहा है। इस दिन स्नान के बाद दान देने की भी परंपरा है। आइए जानते हैं श्रावणी पूर्णिमा के दिन किस विशेष मंत्र का जाप करना चाहिए।

Sawan Purnima 2023

Sawan Purnima 2023

इस मंत्र का करें जाप

ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:। - ॐ सों सोमाय नम:। - ॐ चं चंद्रमस्यै नम: - ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।

मंत्र जाप से मिलेगा सौभाग्य

इस मंत्र के जाप से साधक के सारे कष्ट दूर होंगे और उन पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की असीम कृपा बरसेगी। श्रावणी पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद इस मंत्र का जाप अवश्य करें। पूर्णिमा का दिन चंद्र देवता को समर्पित होता है। इस दिन चंद्र देव का मंत्र जाप करने से विशेष फल प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंत्र के जाप से जीवन में शीतलता आती है और मन पवित्र हो जाता है।

End of Feed