2026 Mein Sawan Amavasya Kab Hai: एक वर्ष में कुल 12 अमावस्याएं आती हैं, जिनमें प्रत्येक अमावस्या का अपना विशेष धार्मिक महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या मनाई जाती है। इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता है। वर्तमान में भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना चल रहा है, जिस दौरान पड़ने वाली अमावस्या को श्रावण अमावस्या कहा जाता है। इस बार श्रावण अमावस्या की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ लोग इसे 12 अगस्त 2026 को मान रहे हैं, जबकि कुछ 13 अगस्त 2026 को पूजा करने की बात कह रहे हैं।
सावन 2026 में अमावस्या किस दिन है?
हालांकि, द्रिक पंचांग के जरिए श्रावण अमावस्या की सही तिथि के बारे में जाना जा सकता है। आइए अब जानें श्रावण कृष्ण पक्ष अमावस्या के महत्व के साथ-साथ तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
श्रावण अमावस्या का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रावण अमावस्या के दिन देवों के देव महादेव, माता पार्वती, तुलसी के पौधे, पीपल के पेड़ और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ होता है। साथ ही पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा कराई जाती है। इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ किसी पवित्र नदी में स्नान और गरीबों को दान देने का भी विधान है। कहा जाता है कि इस दिन देवी-देवताओं की पूजा करने से अखंड सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और पितृ दोष दूर होता है।
श्रावण अमावस्या 2026 में कब है
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार 12 अगस्त 2026 की सुबह 1 बजकर 52 मिनट से श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ हो रहा है। इस दिन रात में 11 बजकर 6 मिनट पर श्रावण कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि समाप्त भी हो जाएगी। ऐसे में केवल 12 अगस्त 2026, वार बुधवार को श्रावण अमावस्या मनाना शुभ रहेगा।
सावन में अमावस्या किस दिन है
साल 2026 में सावन का आरंभ 30 जुलाई से हुआ है, जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस बीच 12 अगस्त 2026 को सावन की अमावस्या मनाई जाएगी। बता दें कि इस बार सावन अमावस्या चातुर्मास के 19वें दिन मनाई जाएगी।
12 अगस्त 2026 क्यों खास है
बता दें कि 12 अगस्त 2026 को श्रावण कृष्ण पक्ष अमावस्या है, जिसके कारण श्रावण अमावस्या मनाई जा रही है। श्रावण अमावस्या को हरियाली अमावस्या, आदि अमावस्या और दर्श अमावस्या के नामों से भी जाना जाता है। इसके अलावा श्रावण अमावस्या के पावन दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, जो कि भारत में दिखाई नहीं देगा।
श्रावण अमावस्या की पूजा के शुभ मुहूर्त
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार श्रावण अमावस्या पर सूर्योदय सुबह 05 बजकर 49 मिनट पर होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 06 मिनट तक रहने वाला है, जबकि सायाह्न सन्ध्या का समय शाम 07 बजकर 03 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 08 मिनट तक है। बता दें कि इस दिन अभिजित मुहूर्त नहीं है।
