Mangla Gauri Vrat Katha In Hindi: मंगला गौरी व्रत की संपूर्ण कथा यहां पढ़ें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jul 4, 2023, 01:58 PM IST

Mangla Gauri Vrat Katha: सावन की शुरुआत मंगला गौरी व्रत के साथ हुई है। दरअसल सावन के प्रत्येक मंगलवार को मां गौरी की पूजा की जाती है। यहां जानिए मंगला गौरी की व्रत कथा।

Mangla Gauri Vrat Katha In Hindi (मंगला गौरी व्रत कथा): श्रावण मास का प्रत्येक मंगलवार मां गौरी को समर्पित है। इस दिन कई महिलाएं मंगला गौरी व्रत रखती हैं। मान्यता है इस व्रत को करने से शादीशुदा महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ये व्रत मुख्य रूप से पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इस व्रत वाले दिन व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान कर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद मां गौरी की विधि विधान पूजा करें और मंगला गौरी व्रत कथा को पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें।

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Mangla Gauri Vrat Katha: मंगला गौरी व्रत कथा

मंगला गौरी व्रत कथा (Mangla Gauri Katha)

मंगला गौरी व्रत की पौराणिक कथा अनुसार एक समय की बात है, एक शहर में धरमपाल नाम का व्यापारी रहता था। जिसकी पत्नी काफी खूबसूरत थी और वो काफी धनवान था। लेकिन संतान न होने के कारण दोनों पति पत्नी दुखी रहते थे। लेकिन भगवान की कृपा से उन्हें काफी सालों बाद एक पुत्र प्राप्त हुआ लेकिन वो अल्पायु था। उसे ये श्राप मिला था कि 16 वर्ष की आयु में सांप के काटने से उसकी मृत्यु हो जाएगी। संयोग से उस युवक की शादी 16 वर्ष लगने से पहले ही एक युवती के साथ हो गई। उस युवती की माता मंगला गौरी का व्रत रखती थी।

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