Mangla Gauri Vrat Katha In Hindi: सावन के मंगलवार व्रत की कथा क्या है, मंगला गौरी व्रत कथा हिंदी में, मां मंगला गौरी के व्रत से जुड़ी कहानी

Mangla Gauri Vrat Katha In Hindi:​​ सावन में आने वाले मंगला गौरी व्रत का आरंभ हो गया है। आज 4 अगस्त 2026 को पहला मंगला गौरी व्रत है। चलिए अब जानें मंगला गौरी व्रत की कथा के बारे में।

Mangla Gauri Vrat 2026 Date & Katha In Hindi: आज 4 अगस्त 2026 से मंगला गौरी व्रत का आरंभ हो गया है। आज पहला मंगला गौरी व्रत है, जिसके बाद 11 अगस्त को दूसरा, 18 अगस्त को तीसरा और 25 अगस्त 2026 को चौथा मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में आने वाले प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। इस बार 30 जुलाई से लेकर 28 अगस्त तक सावन रहेगा, जिस बीच 4 मंगलवार पर 4 बार मंगला गौरी व्रत रखे जाएंगे। माना जाता है कि जो भी विवाहित महिलाएं मंगला गौरी का व्रत रखती हैं और इस दिन देवों के देव महादेव की पत्नी मां पार्वती के गौरी रूप की पूजा करती हैं, उनके वैवाहिक जीवन में सदा खुशियां रहती हैं। साथ ही संतान सुख मिलता है। हालांकि, आज के समय में कुंवारी कन्याएं भी योग्य जीवनसाथी की चाह में ये व्रत रख रही हैं।

मंगला गौरी व्रत की कथा, मंगला गौरी व्रत की कहानी क्या है

आज पहले मंगला गौरी व्रत पर पढ़ें ये कहानी

यदि आपने भी आज मंगला गौरी व्रत रखा है तो माता गौरी की पूजा के दौरान इस व्रत की कथा जरूर पढ़ें, जिसे पढ़ने के बाद ही पूजा को पूर्ण माना जाता है।

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