Sawan 2025: रामायण से जुड़ा है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, दर्शन से धुल जाते हैं पाप

Sawan 2025: महाराष्ट्र के भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का 12 में से छठा स्थान है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से सभी पापों का नाश हो जाता है। इस ज्योतिर्लिंग की कहानी रामायण से जुड़ी है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से सभी पापों का नाश हो जाता है।

Sawan 2025: सावन के महीने में ज्योतिर्लिंग दर्शन करने के लिए बहुत शिव भक्त निकलते हैं। भगवान शंकर का एक खास स्थान महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किलोमीटर दूर सह्याद्रि पर्वत पर स्थित है। ये है 12 ज्योतिर्लिंग में से छठा ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर। इस ज्योतिर्लिंग की कहानी रामायण से जुड़ी है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग काफी बड़ा और मोटा है, जिसके कारण इस मंदिर को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है।

Bhimashankar Jyotirlinga

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का क्या महत्व है (Pic: Canva + Wikipedia)

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी पौराणिक कथा

भीमाशंकर मंदिर के पास ही एक नदी बहती है, जिसको लेकर भी पौराणिक मान्यता है। इसके अनुसार, कुंभकर्ण का पुत्र भीमा भगवान राम से अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए तपस्या करता है, उसे ब्रह्मा से अजेय होने का वरदान प्राप्त होता है। इसके बाद वह अत्याचार करने लगता है। जिससे त्रस्त होकर देवता और ऋषि महादेव की शरण में जाते हैं। फिर भगवान शिव और भीमा के बीच भयंकर युद्ध होता है, जिसमें अंततः भगवान शिव भीमा का वध कर देते हैं और यहां ज्योतिर्लिंग स्वरूप में विद्यमान हो जाते हैं।

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