Sawan Shivratri Hartalika Teej kab hai (हरतालिका तीज कब है): शिव जी को समर्पित सावन का सिद्ध महीना जोरो-शोरों से शुरू हो चुका है। हर सावन मास में भगवान भोलेनाथ और उनके परिवार का पूजन अर्चन करने से जातकों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। सावन शुरू होते के साथ ही हिंदू पंचांग के अनुसार अनेकों सारे तीज-त्योहार भी शुरू हो जाते हैं। ऐसा ही एक त्योहार हरतालिका तीज का है, जिसमें सुहागिन अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल शादीशुदा जीवन की कामना करते हुए व्रत और रात्रिजगा रखती हैं। हर साल शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इस दिन शिव-पार्वती का पूजन करने से जातकों को विशेष लाभों की प्राप्ति होती है। इस तीज के बराबर एक महीने पहले हरियाली तीज भी आती है, हालांकि देखें इस साल हरतालिका तीज कब पड़ रही है।
Hartalika Teej kab hai, know teej date puja timing in hindi
हरतालिका तीज कब है, Hartalika Teej Kab hai
4 जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलने वाले सावन मास में कई सारे तीज, त्योहार और व्रत आते हैं। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पड़ने वाली हरतालिका तीज भी सनातन धर्म का महत्वपूर्ण व्रत है। इस साल हरतालिका तीज 18 सितंबर की तिथि को पड़ रही है। इस दिन सुहागिन औरतों द्वारा व्रत रखा जाता है, अपने आराध्य की उपासना की जाती है और रात को मंदिर दर्शन के साथ भजन कीर्तन होता है।
हरतालिका तीज का महत्व क्या है, Hartalika Teej 2023 Importance
शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर रखा जाने वाला हरतालिका तीज का व्रत खास सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाता है। 18 सितंबर के दिन पड़ रही हरतालिका तीज का व्रत कुंवारी लड़कियां भी गौरी-शंकर जैसी जोड़ी की कामना करते हुए रख सकती हैं। मान्यता है कि, माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने हेतु इसी तीज का व्रत पूरा किया था। और माता की कड़ी तपस्या के फल स्वरूप प्रभु ने स्वयं को उनको सौप दिया था।
हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से लेकर 12 बजकर 57 मिनट तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से लेकर 3 बजकर 23 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त : शाम 6 बजकर 39 मिनट से लेकर 7 बजकर 2 मिनट तक
