Sankarshan Chaturthi 2026: संकर्षण चतुर्थी पूजा विधि, जानें सही तरीका और नियम

Sankarshan Chaturthi 2026: संकर्षण चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित बहुत ही पवित्र व्रत माना जाता है। इस दिन भक्त जीवन के संकटों और परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए व्रत रखते हैं और गणपति बप्पा की विधिवत पूजा करते हैं।

Sankarshan Chaturthi 2026: संकर्षण चतुर्थी केवल एक व्रत नहीं है बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को संकर्षण चतुर्थी कहा जाता है, जिसका विशेष महत्व संकटों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति से जुड़ा माना जाता है। इस दिन भक्त अपने जीवन के संकटों और परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए व्रत रखते हैं और भगवान गणेश की पूजा करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से सभी बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

Sankashti Chaturthi 2026

संकर्षण चतुर्थी पूजा विधि

पंचांग गणना के अनुसार वैशाख शुक्ल चतुर्थी तिथि 20 अप्रैल 2026 को सुबह 7:27 बजे प्रारम्भ हो रही है और 21 अप्रैल 2026 को सुबह 4:14 बजे समाप्त होगी। चतुर्थी तिथि का विस्तार लगभग 14 घंटे 36 मिनट तक रहेगा। संकर्षण चतुर्थी पूजा विधि के बारे में यहां डिटेल में जानकारी दी गई है।

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