Sakat Chauth 2026 Bhadra Kaal Time & Puja Muhurat (सकट चौथ 2026 भद्रा काल समय और पूजा का मुहूर्त): माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सकट चौथ का व्रत संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना से रखा जाता है। यह व्रत भगवान गणेश, सकट माता और चंद्र देव की पूजा से जुड़ा होता है। साल 2026 में सकट चौथ 6 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, लेकिन इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा। भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य या पूजा शुरू करना अशुभ माना जाता है। इस कारण भद्रा काल में पूजा पाठ करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि साल 6 जनवरी सकट चौथ के दिन भद्रा काल कितने से कितने बजे तक रहने वाला है और इस दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
सकट चौथ पर पूजन का शुभ समय क्या है
सकट चौथ 2026 पर भद्रा काल समय और प्रभाव
पंचांग के अनुसार, सकट चौथ के दिन भद्रा का साया सुबह 07:15 बजे से 08:01 बजे तक (कुल लगभग 46 मिनट) रहेगा। इस दौरान भद्रा का वास पृथ्वी पर होने से इसे विशेष रूप से अशुभ माना जाता है। भद्रा काल में पूजा-पाठ, व्रत संकल्प या कोई नया शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कार्य में बाधा आ सकती है या फल नहीं मिलता है। जिन लोगों के यहां सकट चौथ की पूजा करने की परंपरा सुबह के समय है, वे भद्रा काल को छोड़कर ही पूजन करें।
भद्रा काल में क्या न करें?
सुबह 07:15 से 08:01 बजे के बीच कोई पूजा या संकल्प न लें। गणेश जी की मूर्ति स्थापना या भोग लगाने जैसे कार्य इस समय न करें। तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस आदि) बनाने या खाने से दूर रहें। कठोर शब्द बोलने या झगड़ा करने से बचें। कोई नया कार्य या खरीदारी शुरू न करें।
सकट चौथ पर क्या है पूजन मुहूर्त?
6 जनवरी को सकट चौथ की पूजा सुबह के शुभ मुहूर्तों में करना सबसे अच्छा रहेगा। 6 जनवरी को सकट चौथ की पूजा सुबह के शुभ मुहूर्तों में करना सबसे अच्छा रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:26 से 06:21 बजे तक और प्रातः सन्ध्या 05:53 से 07:15 बजे तक पूजा, व्रत संकल्प और गणेश पूजन के लिए अनुकूल माने गए हैं, लेकिन भद्रा के चलते इस समय पर कोई भी शुभ काम न करें।
इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:48 बजे तक, विजय मुहूर्त 02:11 से 02:53 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त 05:36 से 06:04 बजे तक और सायाह्न सन्ध्या 05:39 से 07:01 बजे तक भी सकट चौथ की पूजा के लिए शुभ समय रहेगा। वहीं, अमृत काल सुबह 10:46 से रात 12:17 बजे तक और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:15 से रात 12:17 बजे तक पूजा-पाठ के लिए विशेष फलदायी माने जाएंगे।
सकट चौथ पर इस समय पर न करें पूजन
इसके अलावा, दोपहर बाद और शाम के कुछ समय पूजा के लिए अशुभ रहेंगे। यमगण्ड काल सुबह 09:51 से सुबह 11:09 बजे तक और राहुकाल दोपहर 03:03 से शाम 04:21 बजे तक रहेगा। इस कारण इन दोनों कालों में पूजा करने से बचें।
सकट चौथ की पूजा विधि
स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल साफ करें। भगवान गणेश को तिल-गुड़ के लड्डू, मोदक और दूर्वा अर्पित करें। व्रत कथा पढ़ें या सुनें। चंद्रोदय (रात्रि में) के समय चंद्र देव को जल, कच्चा दूध और फूल अर्पित करें। सात्विक जीवन अपनाएं और जरूरतमंदों को तिल या गुड़ का दान करें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
