Ravivar Vrat Katha: खर मास के रविवार को व्रत रखने से होती है हर मनोकामना पूरी, ये है पूजन विधि और व्रत कथा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 8, 2023, 06:18 AM IST

मलमास के प्रत्येक रविवार को व्रत रखकर एक समय खिचड़ी का सेवन करने से होती है मनोकामनाएं पूर्ण। अधिक गरिष्ठ भाेजन का सेवन रविवार के व्रत में सेवन करना है निषेध। प्रातः काल स्नादि कर लाल वस्त्र धारण कर करें सूर्य की पूजा। दिन में ही एक समय किया जाता है इस व्रत में भाेजन।

KEY HIGHLIGHTS
  • मल मास के रविवार को करें व्रत
  • एक समय भाेजन से पूर्ण करें व्रत
  • दिन के समय ही किया जाता भाेजन

Ravivar Vrat Katha: खर मास यानी मल मास आरंभ हो चुका है। पुराणाें में मलमास को सूर्य देव को समर्पित माह बताया गया है। सूर्य देव की आराधना का विशेष दिन रविवार होता है। खरमास के प्रत्येक रविवार को व्रत एवं पूजन करने से जीवन की हर मनोकामना पूरी होती है। पंडित वैभव जोशी के अनुसार रविवार के व्रत को सर्व मनोकामना पूर्ति का व्रत कहा जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा, उपवास रखकर एक समय भाेजन करने से विशेषकर खिचड़ी का सेवन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और मन की कामना पूरी होती है।

ravivar vrat katha.

सूर्य देव को समर्पित होता है रविवार का व्रत। फोटो फेसबुक के सौजन्य से।

पूजन विधि- विधान

प्रातः काल स्नानादि से निवृत्त हो स्वंच्छ लाल वस्त्र धारण करें। शांत चित्त् होकर परमात्मा का स्मरण करें। भाेजन एक समय से अधिक नहीं करना चाहिए। भाेजन तथा फलाहार सूर्य के प्रकार रहते ही कर लेना उचित है। यदि निराहार रहने पर सूर्य छिप जाए तो दूसरे दिन सूर्य उदय हो जाने पर अर्घ्य देने के बाद ही भाेजन करें। व्रत के अंत में व्रत कथा सुननी चाहिए। व्रत के दिन नमकीन तेलयुक्त भाेजन कदापि ग्रहण न करें। खिचड़ी का सेवन सर्वोत्तम रहता है।

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