Raviwar Vrat Katha, Puja Vidhi: रविवार व्रत कथा, पूजा विधि, आरती, मंत्र और महत्व, पढ़िए यहां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 12, 2023, 06:36 AM IST

Ravivar Vrat Katha, Puja Vidhi, Aarti in Hindi (रविवार व्रत कथा, पूजा विधि, आरती): रविवार (Raviwar) का दिन ग्रहों के राजा सूर्य देव (Surya Dev) को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही व्यक्ति के मान, सम्मान और तेज में बढ़ोतरी होती है।

Ravivar Vrat Katha, Puja Vidhi, Aarti in Hindi (रविवार व्रत कथा, पूजा विधि, आरती): रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित माना जाता है। सूर्य देव (Surya Dev) बेहद कल्याणकारी ग्रह हैं। ऐसे में रविवार व्रत (Raviwar Vrat) बेहद फलदाई माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि रविवार का व्रत करने से सूर्यदेव की कृपा बरसती है। रोग, बीमारी, कष्ट, दुविधा दूर होते हैं। जीवन में खुशहाली आती है।

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रविवार व्रत कथा, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और नियम

रविवार व्रत की शुरुआत आप किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष वाले रविवार को कर सकते हैं। वैसे भादव माह के रविवार से इस व्रत का आरंभ करना बेहद शुभ होता है। इस व्रत का पालन 51, 30 या 12 रविवार तक करना चाहिए। चलिए अब रविवार व्रत की कथा, मंत्र, आरती, महत्व और पूजा विधि जान लेते हैं।

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