Rama Ekadashi 2022: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा बहुत ही फलदायी मानी जाती है। ऐसा कहते हैं कि रमा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा से विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है। इस साल रमा एकादशी का व्रत 21 अक्टूबर दिन शुक्रवार को रखा जाएगा। एकादशी को व्रतों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एकदशी के व्रत में भूलकर भी पांच गलतियां नहीं करनी चाहिए।
रमा एकादशी पर ये 5 गलतियां बढ़ा सकती हैं आपकी मुश्किल
चावल से परहेज- एकादशी के व्रत में कभी भी चावल नहीं खाना चाहिए। ऐसा कहते हैं कि एकादशी पर चावल खाने वालों को अगले जन्म में रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेना पड़ता है।
तुलसी को जल ना चढ़ाएं- एकादशी के दिन तुलसी को जल अर्पित करने से बचना चाहिए। ऐसी मान्यताएं हैं कि एकादशी पर खुद तुलसी का भी निर्जला उपवास होता है। इसलिए उन्हें पानी देने की भूल ना करें।
बुरे विचारों से दूर- एकादशी का व्रत तभी सफल माना जाता है, जब साधक के मन में कोई बुरा विचार ना आए। अपने मन-मस्तिष्क को शुद्ध बनाए रखें। किसी का अपमान ना करें। किसी को अपशब्द ना कहें। झूठ ना बोलें और पीठ पीछे किसी की बुराई ना करें।
चारपाई पर आराम- एकादशी के दिन पलंग, चारपाई या सोफे पर सोने से बचना चाहिए। इस दिन हमेशा जमीन पर बिस्तर डालकर आराम करें। साथ ही दिन के वक्त नींद लेने से बचें। बेहतर होगा कि इस समय आप श्री हरि के मंत्रों का जाप करें।
शराब मांस से दूरी- यदि आपने एकादशी का व्रत नहीं रखा है, तब भी कुछ बातों का विशेष ख्याल रखें। इस दिन मांस ना खाएं। तामसिक भोजन की जगह सात्विक आहार लें। मदिरा पान से भी परहेज करें।
