Ram Navami 2024: राम नवमी का पर्व इस साल 17 अप्रैल 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन राम जी की पूजा करना और रामायण पाठ करना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। रामायण भगवान राम के जीवन पर आधारित महाकाव्य है। इसमे भगवान राम के जीवन के हर पहलू का वर्णन मिलता है। ये ग्रंथ महाकवि वाल्मिकी द्वारा रचा गया। रामायण को हमारे शास्त्रों में सबसे महान ग्रंथो में से एक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि हर घर में रामायण होनी ही चाहिए। रामायण पाठ करने से और उसके मूल्य को जीवन में उतारने से संसार का कल्याण होता है। क्या आप रामायण के उस श्लोक के बारे में जानते हैं जिसे पढ़कर पूरी रामायम का सार पता चलता है। ऐसे में चलिए जानते हैं रामायण एक श्लोकी पाठ के नियम और अर्थ के बारे में।
Ek Shloki Ramayan (एक श्लोकी रामायण)
आदौ राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्।वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।।
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।।
Ek Shloki Ramayan Meaning (एक श्लोकी रामायण अर्थ)
जब भगवान राम वन में गए तो उन्हें वहां एक स्वर्ण मृग दिखाई दिया तो उन्होंने उसका शिकार कर उसे मार डाला। तब वैदेही यानि माता सीता का रावण ने अपहरण कर लिया। सीता माता की रक्षा के लिए पक्षीराज जटायु ने रावण के विरुद्ध युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दे दी। इसके बाद सीता माता की खोज करते समय भगवान राम की मुलाकात सुग्रीव से हुई और वे मित्र बन गये। उसके बाद सबने समुद्र को पार किया और लंका तक पहुंच गए। फिर राम ने रावण और कुंभकरण का अंत किया। यही पूरे रामायाण का सार है।Ek Shloki Ramayan Path Niyam (एक श्लोकी रामायण पाठ नियम)
सुबह उठकर स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीपक जलाएं। इसके बाद ही रामायण के श्लोकों को पढ़ना चाहिए।आप नियमित रूप से एक श्लोकी रामायण मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। इस मंत्र को 108 बार करें।
यदि 108 बार संभव न हो तो इस श्लोक का 7, 14 या 21 बार पाठ करें।
